मुरादाबाद। पूर्व मंत्री और रामपुर के सपा विधायक आजम खां के ऊपर चल रहे अदालत के अवमानना के मामले में गुरुवार को वादी पक्ष की ओर से उपनिरीक्षक ने बयान दर्ज कराए। आजम खां के अधिवक्ता ने जिरह की। अदालत ने अग्रिम कार्यवाही के लिए तीन अक्तूबर की तारीख दी है।
यह मुक़दमा एक अन्य मुकदमे से जुड़ा है। घटनाक्रम के अनुसार मामला 29 जनवरी 2008 का था तब थाना छजलैट क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान हुए विवाद के बाद आजम खां उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत कई अन्य सपा नेताओं के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में कई मर्तबा आजम खां को समन जारी होने के बाद भी वह अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। जिस पर उनके खिलाफ थाना छजलैट में अदालत की अवमानना का मुकदमा वर्ष 2020 में दर्ज कर दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। मुकदमे में वादी पक्ष की गवाही चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि गुरुवार को उपनिरीक्षक सुरेंद्र पाल कनौजिया ने अदालत में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। अदालत ने अग्रिम कार्यवाही के लिए तीन अक्तूबर की तारीख लगा दी है। संवाद