लेखपाल ने मौके पर जाए बगैर घर बैठे - बैठे फर्जी पैमाइश रिपोर्ट दे दी। मामला तब खुला जब डीएम ने शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता परखने के लिए मंगलवार को तहसील दिवस में पुराने फरियादियों को खुद ही फोन मिला दिया। डीएम ने 21 फरियादियों से बात की जिनमें से 20 तो संतुष्ट थे लेकिन 21 वें फरियादी ने कहा कि उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
डीएम जुहैर बिन सगीर ने फरियादी द्वारा पिछले तहसील दिवस में दिया गया प्रार्थना पत्र निकलवाया तो उस पर राजस्व टीम को मौके पर जाकर पैमाइश करने के आदेश दिए गए थे। लेखपाल ने पैमाइश की रिपोर्ट भी दे रखी थी। लेकिन छानबीन की गई तो पता चला कि लेखपाल तो मौके पर झांकने तक नहीं गया था। उसने घर बैठे - बैठे ही झूठी पैमाइश रिपोर्ट बना दी थी। इस पर डीएम ने लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
उधर, डीएम ने तहसील दिवस से गैरहाजिर रहने पर एमडीए सेक्रेटरी, मत्स्य अधिकारी और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का एक - एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं।