एक महिला ने अपने पति को श्रीलंका का निवासी बताते हुए संभल में उसके द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और आधार तथा पैन कार्ड आदि बनवाने पर सवाल उठाते हुए पुलिस से शिकायत की है। महिला की शिकायत पर एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। संभल के लोधी सराय मोहल्ले की निवासी राना परवीन ने एसपी को प्रार्थना-पत्र देकर बताया कि 1997 में उसकी शादी श्रीलंका के नागरिक मोहम्मद नजीर के साथ हुई थी। वह संभल में क्लीनिक चला रहे हैं। उनके पति ने तथ्य छुपाते हुए फर्जी तरीके से आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवासी प्रमाण पत्र बनवाया है।
दो बैंकों की स्थानीय शाखाओं में खाते खोले हुए हैं। उन बैंक खातों पर ऋण भी लिया हुआ है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति का निवास और जाति प्रमाण पत्र बिहार के आलमगंज थाना क्षेत्र के गुलजार बाग से बना हुआ है। पत्नी का आरोप है कि जब से वह अपने पति के गलत कार्य का विरोध कर रही है तब से उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। एसपी ने महिला के पत्र के आधार पर जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर जांच में तथ्य गलत पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर आरोपी व्यक्ति का कहना है कि उसके वीजा की वैधता सितंबर 2019 में बढ़ाई जानी थी लेकिन पत्नी ने वीजा अपने कब्जे में ले लिया तथा पंद्रह दिन पहले उसे घर से निकाल दिया। अब उसे किसी और के यहां पर शरण लेनी पड़ी है। इस मामले में उसने स्थानीय पुलिस को पहले ही जानकारी दे दी है। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद का कहना है कि महिला के शिकायती पत्र पर जांच कराई जा रही है। महिला पर भी पासपोर्ट जब्त करने और विदेशी को प्रताड़ित करने का आरोप है। दोनों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मुझे नहीं पता किसने बनवाए दस्तावेज
पत्नी की शिकायत के बाद आरोपों से घिरे श्रीलंका के नागरिक और होम्योपैथ डा. नजीर 1989 में अल्प अवधि वीजा पर भारत आए थे। बाद में उनका दीर्घ अवधि वीजा हो गया। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता कि किसने बिहार से उनका निवास प्रमाण पत्र बनवाया और किसने संभल की वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल कराया। उन्होंने कहा कि जब 1999 में वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने की जानकारी उन्हें मिली तो उन्होंने स्थानीय खुफिया तंत्र को अवगत कराया था और तभी उनका नाम वोटर लिस्ट से कट गया था। उन्होंने कहा कि बिहार से जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र उन्होंने नहीं बनवाया। उसे फंसाने के लिए साजिश की जा रही है। इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी है। नागरिकता के लिए भी उन्होंने आवेदन किया है। उनके मुताबिक वह 1989 में भारत आए। उसके बाद से ही संभल में क्लीनिक चला रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी और उसके परिजन उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।