केस-1: पत्नी की पिटाई से तंग आकर कोर्ट में दाखिल किया प्रार्थनापत्र
सिविल लाइन क्षेत्र निवासी सरकारी विभाग के एक संविदा कर्मचारी ने बताया कि 12 मार्च 2022 को उनकी शादी मझोला क्षेत्र में रहने वाली युवती से हुई थी। शादी के बाद से ही पत्नी ने उनका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि पत्नी उनके साथ मारपीट करती थी। इससे वह काफी परेशान थे।
उनकी पत्नी कम सैलरी के ताने देने के साथ ही घर का कामकाज करना बंद कर दिया था। इसके अलावा पत्नी मां-बाप के साथ आए दिन अभद्रता करने लगी थी। मोबाइल पर अंजान लोगों से बात करती थी और जब इसकी शिकायत मायके वालों से की तो उन्होंने भी अपनी बेटी का साथ दिया। युवक ने बताया कि पत्नी से तंग आकर कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है और तलाक के साथ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
केस-3: पत्नी और उसके मायके वालों ने की मारपीट, नारी उत्थान केंद्र में दिया प्रार्थनापत्र
नागफनी क्षेत्र में रहने वाले एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी की शादी तीन साल पहले उत्तराखंड के काशीपुर निवासी युवती के साथ हुई थी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद 10 दिन ही पत्नी उसके साथ रही। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। कई बार पत्नी को बुलाने गया, लेकिन उसने आने से इन्कार कर दिया।
इस बीच पत्नी ने उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया। युवक ने बताया कि जब वह पत्नी को बुलाने गए तो पत्नी और उसके मायके वालों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने पत्नी को बुलाने के लिए नारी उत्थान केंद्र में प्रार्थनापत्र दिया।
इस मामले को लेकर जब कई बार काउंसिलिंग की तारीख लगी तो पत्नी और उसके मायके वाले तारीख पर नहीं आए। इसके बाद नारी उत्थान ने युवक को कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल करने की सलाह दी।
सार्वजनिक स्थान पर महिलाएं पुरुषों के साथ गलत व्यवहार कर नारी सशक्तीकरण की अवहेलना कर रही हैं। महिलाओं को पुरुषों के समकक्ष आने के लिए नारीवादी आंदोलन चलाया गया है न कि पुरुषों पर आधिपत्य स्थापित करने के लिए। महिलाओं को पुरुषों के साथ इस तरीके का व्यवहार नहीं करना चाहिए। - प्रो. रमाकांत ठाकुर, प्रभारी, समाजशास्त्र विभाग, हिंदू कॉलेज।