एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मैनाठेर के बगी गोधनपुर निवासी पवन कुमार ठाकुर मझोला थाना क्षेत्र में कुंदनपुर में कृषि विभाग कार्यालय के पास रहता था। पवन फर्म में काम करता था। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी छह साल पहले संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी के बटौवा गांव निवासी आंचल के साथ हुई थी।
दंपती की दो वर्षीय बेटी दिव्यांशी है। पवन पत्नी आंचल और बेटी दिव्यांशी के साथ रहता था। शनिवार की सुबह आंचल ने पवन की बहन अनीता और बबीता को कॉल की और बताया कि पवन ने कुछ खा लिया है। वह बोल नहीं रहे हैं।
डॉक्टरों ने पवन को घोषित किया मृत
इसकी जानकारी मिलने पर दोनों बहनें ओर अन्य परिजन भी आ गए। इसकी जानकारी मिलने पर चौधरी चरण सिंह चौक के पास रहने वाले पवन के भाई एवं बिजली विभाग में लाइनमैन देवेंद्र कुमार भी आ गए। वह पवन को अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया।
पवन की बहनों और पुलिस ने आंचल से जानकारी की तो वह जवाब देने से बचती नजर आती रही । इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। शनिवार की शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पवन की मौत जहर के सेवन से आई लेकिन उसके शरीर पर जगह जगह बिजली का करंट लगाए जाने की पुष्टि हुई।
पति के तहेरे भाई के बेटे से अफेयर
इसके बाद पुलिस ने आंचल को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की तो उसने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। उसने पुलिस को बताया कि करीब दो साल से उसका पवन के तहेरे भाई के बेटे अंकित से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
दोनों बहनों ने अपने प्रेमियों संग बनाई हत्या की योजना
करीब छह माह पहले पवन को इसकी जानकारी हो गई थी। पवन ने दोनों के साथ मारपीट भी की थी लेकिन आंचल और अंकित ने मिलना जुलना बंद नहीं किया। शुक्रवार को आंचल ने प्रेमी अंकित, अपनी बहन शिखा और उसके प्रेमी जयंतीपुर निवासी अजय दिवाकर के साथ मिलकर पवन की हत्या की योजना बना ली थी।
शुक्रवार की शाम पवन फर्म से वापस आया तो पत्नी ने उसके साथ विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद आंचल ने अपनी बहन की मदद से पवन को बंधक बना लिया। फिर दोनों बहनों ने अपने अपने प्रेमी घर बुला लिए थे। इसके बाद उसे करंट लगाया गया और जबरन जहर खिलाकर मार दिया।
चारों ने आत्महत्या की कहानी रची थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इनका भेद खुल गया। एसपी सिटी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चारों को हिरासत में ले लिया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ा
पुलिस को शक तो पहले ही हो गया था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही थी। शनिवार की शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने पहले आंचल, उसकी बहन और अंकित और अजय को हिरासत में ले लिया।
मायके में रची की हत्या साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आंचल करीब 15 दिन पहले अपने मायके गई थी। वहीं आंचल ने अपनी बहन के साथ मिलकर पवन की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद दोनों ने अपने अपने प्रेमी को इस हत्याकांड में शामिल करने के लिए मना लिया था।
बृहस्पतिवार की शाम ही आंचल अपनी बहन शिखा के साथ कुंदनपुर आई थी। उस समय पवन ठाकुर अपनी बहन अनीता के घर था। आंचल ने कॉल कर बताया था कि वह आ गई है।