मुरादाबाद। जिले में गेहूं कटाई लगभग पूर्ण हो गई है, लेकिन इसके बावजूद 69 क्रय केंद्रों पर गेहूं की सरकारी खरीद लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 20 प्रतिशत ही हो पाई है। जबकि आढ़तें गुलजार हैं और सरकारी क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। कारण यह भी है कि आधे किसानों का तो अभी सत्यापन भी नहीं हो का है। कभी कभार ही किसान अब गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं, यह वहीं किसान हैं, जिन्होंने कटाई के बाद गेहूं को भंडारित कर लिया था। बाजार में उत्तराखंड के साथ साथ हरियाणा के भी आटा व्यापारी भी मुरादाबाद आकर गेहूं खरीद रहे हैं।
मौसम की खराबी के कारण इस बार भले ही गेहूं की कटाई देरी से शुरू हुई लेकिन प्रदेश सरकार ने जिले में 69 क्रय केंद्रों को 30 मार्च को ही खोल दिया था। न्यूनतम समर्थन मूल्य भी इस बार 2585 रुपये प्रति क्विंटल है और उतराई छनाई का 20 रुपये अतिरिक्त भी किसानों को देने का प्राविधान है लेकिन इसके बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों तक किसानों का गेहूं नहीं पहुंच पाया है।
शहरी क्षेत्र में जो क्रय केंद्र स्थापित किए गए, उनकी स्थिति अधिक दयनीय नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जहां गेहूं उगाया गया है, वहां क्रय केंद्र स्थापित न करके शहरी क्षेत्र में मंडी समिति में एक साथ पांच पांच गेहूं क्रय खोलने की औपचारिकता निभाई गई, परिणाम यह हुआ कि इतनी दूरी तक किसान किराया भाड़ा लगाकर गेहूं को लेकर नहीं पहुंचे।
दूसरा बड़ा कारण यह भी रहा कि पिछले साल से भले ही इस बार एमएसपी अधिक रहा लेकिन गेहूं की मांग को देखते हुए निजी बाजार में भी भाव अच्छे रहे। सरकारी क्रय केंद्र दूर बनाए गए, वहीं निजी खरीदारों ने किसानों के खेतों पर जाकर 2450 से 2580 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं की खरीद की और बिना की किसी जांच पड़ताल और पंजीकरण के नगद भुगतान दिया। जब खेत पर ही बिना किसी झंझट के भाव ठीक मिला तो किसानों ने गेहूं को बेच दिया।
5300 किसानों में 3110 का हुआ सत्यापन
- आरएमओ विनीता मिश्रा ने बताया कि इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य 6000 मीट्रिक टन है लेकिन दो मई तक सभी 69 क्रय केंद्रों पर 1166 किसानों से 29500 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो लक्ष्य का 20 प्रतिशत है। जिले में 5300 किसानों ने गेहूं विक्रय के लिए पंजीकरण कराया था, अब तक 3110 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। अभी गेहूं क्रय 15 जून तक खुले रहेंगे। किसान अपना गेहूं बेचने के लिए ला सकते हैं।
बाहरी व्यापारी भी खरीद रहे गेहूं
- मुरादाबाद जिले में अधिकतर उत्तराखंड राज्य के आटा व्यापारी भी गेहूं खरीद के लिए पहुंचे हैं। कुछ निजी खरीदार बताते हैं कि हरियाणा के फ्लोर मिल संचालकों ने भी अपने कर्मचारी मुरादाबाद सहित संभल, अमरोहा, रामपुर भेजे हैं, जो यहीं पर निजी खरीदारों के सहयोग से गेहूं खरीद कर रहे हैं। उत्तराखंड व हरियाणा के फ्लोर मिल संचालक 2500 से लेकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं खरीद रहे हैं, सरकारी खरीद केंद्रों तक गेहूं का न पहुंचने का यह भी एक मुख्य कारण है।