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Moradabad News: बीपी-शुगर की मार, जिले में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं बीमार

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मुरादाबाद। जिले में गैर संचारी रोग (एनसीडी) की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि बीपी-शुगर जैसी बीमारियों की मार महिलाओं पर अधिक पड़ रही है। मार्च 2026 के अलावा पूरे वित्तीय वर्ष के आंकड़ों तक, हर प्रमुख सूचकांक में बीमार महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। मार्च में 30 वर्ष से अधिक उम्र के 5721 लोगों की स्क्रीनिंग हुई, जिनमें 3196 महिलाएं और 2525 पुरुष शामिल रहे।
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इनमें 285 पुरुष शुगर से, 212 बीपी से और 78 दोनों बीमारियों से परेशान मिले। जबकि 368 महिलाएं शुगर से, 296 बीपी से और 122 दोनों रोगों से ग्रसित मिलीं। अब इसी आंकड़े को अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक ले जाएं तो 87892 लोगों की जांच में 54066 महिलाएं और 33826 पुरुष शामिल हैं। बीमारियों के प्रकार में भी महिलाओं की संख्या अधिक है।
डायबिटीज के मामले में सालभर में 4249 महिलाएं बीमार मिलीं, जबकि पुरुषों की संख्या 3154 है। हाइपरटेंशन में मार्च में 296 महिलाएं, 212 पुरुष बीमार मिले। सालाना आंकड़ों में 3323 महिलाएं बीपी से जूझती पाई गईं। जबकि 2412 पुरुषों को बीपी के लिए दवा लेने की सलाह दी गई। ऐसे लोग जो डायबिटीज और बीपी दोनों से परेशान हैं, उनमें 1029 महिलाएं और 780 पुरुष शामिल हैं।
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गंभीर बीमारियों में भी यही स्थिति है। दिल की बीमारी (सीवीडी), स्ट्रोक और सीओपीडी के मामलों में भी महिलाएं अधिक बीमार हैं। फैटी लिवर के 283 मामलों में 154 महिलाएं और 129 पुरुष हैं। किडनी की बीमारी (सीकेडी) में महिलाओं की संख्या 66 और पुरुषों की 83 है। वहीं, सर्वाइकल कैंसर का एक मामला सामने आना महिलाओं की सेहत को लेकर अतिरिक्त चिंता पैदा करता है।



वार्षिक रिपोर्ट - आंकड़ों के अनुसार
कुल स्क्रीनिंग (30+ उम्र)
पुरुष: 33,826
महिलाएं: 54,066

डायबिटीज (शुगर)
पुरुष: 3154
महिलाएं: 4249

हाइपरटेंशन (बीपी)
पुरुष: 2412
महिलाएं: 3323



दोनों (शुगर और बीपी)
पुरुष: 780
महिलाएं: 1029



वर्जन
अपनी दिनचर्या के कारण कई बार महिलाएं घर के कामों तक ही उलझी रहती हैं। वह व्यायाम या मॉर्निंग वॉक के लिए भी समय नहीं निकाल पातीं। इसी कारण शुगर-बीपी और अन्य बीमारियां महिलाओं में ज्यादा पाई गई हैं। सप्ताह में पांच दिन 45-45 मिनट व्यायाम करना ही चाहिए।
- डॉ. सुरुचि सिंह, डाइटीशियन


संक्रामक रोगों की तरह गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग पर भी पूरा फोकस है। हम स्वास्थ्य केंद्रों में भी लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं, जिससे आबादी में ज्यादा ज्यादा लोग दिनचर्या से जुड़ी इन बीमारियों को समय रहते काबू कर सकें।
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- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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