अभियान के तहत बेटियों को दो लाख रुपये मिलने की अफवाह पर पोस्ट आफिस में टूटी भीड़
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डाकघर में पिछले चार दिनों की अपेक्षा शनिवार को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत दो लाख रुपये के लिए रजिस्ट्री करने वालों की दोगुनी भीड़ लगी रही। शाम को डाकविभाग को कार्यालय बंद करने के लिए भीड़ के साथ खासा मशक्कत करनी पड़ी।
मुख्य डाकघर बंद होने के बाद लोग रजिस्ट्री करने के लिए रेलवे के डाकघर पहुंच गए। चार दिन से यही चल रहा है लेकिन इन गरीब बेटियों को ठगी से बचाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण शनिवार को रजिस्ट्री करने वालों की भीड़ दोगुनी हो गई।
लोेग सुबह से ही रजिस्ट्री कराने के लिए लाइनों में लग गए। डाकविभाग के प्रांगण में सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे रहे। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों को दो-दो लाख रुपये मिलने की अफवाह के बाद से डाकघर में रोजाना 15 सौ तक रजिस्ट्री व स्पीड पोस्ट हो रहे हैं। लोगों ने इस अभियान का फॉर्म चालीस रुपये से लेकर सौ रुपये तक खरीदा।
फिर फॉर्म की रजिस्ट्री कराने में चालीस रुपये लगा रहे हैं। लोेग भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को यह रजिस्ट्री कर रहे हैं। हैरत की बात है कि इस अफवाह को रोकने के लिए न तो स्थानीय स्तर पर प्रशासन पहल कर रहा है और न ही मंत्रालय से कोई आदेश जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में डाक विभाग की आमदनी तो बढ़ रही है लेकिन जनता का पैसा अफवाह में खर्च हो रहा है।