कांठ। गन्ना और किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार सोमवार की दोपहर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय किसान छजलैट किसान भवन पर एकत्र हुए। यहां बैठक में किसानों ने कहा कि चीनी मिलें गन्ने को रिजेक्ट बताकर किसानों को कम दाम देकर शोषण कर रहे हैं। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड का हर साल नवीनीकरण किए जाने के नाम पर किसानों को परेशान किया जाता है। इसी के साथ उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ती है।
जब दो बजे तक भी पुलिस के अलावा गन्ना विभाग, बैंक या कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसान भवन पर किसानों के बीच नहीं पहुंचे तो इसे लेकर किसान भड़क गए। उनका कहना था कि पूर्व में एसडीएम को ज्ञापन दिए जाने के बाद भी उनकी अनदेखी की जा रही है। गुस्साए किसान जाम करने के लिए सड़क पर जाने लगे तो एसएचओ छजलैट प्रदीप कुमार सहरावत ने समझा-बुझाकर उन्हें रोडजाम करने से रोका। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे और थाना परिसर में जमीन पर त्रिपाल बिछा कर बैठ गए। कुछ समय बाद तहसीलदार राजकुमार सिंह, एएसपी/सीओ अभिनव द्विवेदी और स्योहारा व दीवान चीनी मिल से भी अधिकारी थाने में किसानों के बीच पहुंच गए। इनके समक्ष किसानों ने अपनी गन्ना व बैंक संबंधित समस्याओं और मांगों को दोहराया। घंटो चली वार्ता के बाद इनके निस्तारण के लिए दस दिन का समय दिए जाने पर सहमति बनी। तक कहीं जाकर किसान थाने से उठे। इस अवसर पर भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नौ सिंह ढिल्लो, जिला महासचिव चौधरी यशपाल सिंह, राहुल चौधरी, चौधरी समरपाल सिंह, वीर सिंह ढ़ाका, विजय रवाना, राम सिंह महाराज, डॉ. सुशील यादव, विजयपाल सिंह, शीशपाल सिंह, आजादवीर सिंह, देवराज सिंह, मोहन सिंह, राजेंद्र सिंह, विपिन, जसपाल सिंह आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।