मुरादाबाद। सीबीएसई द्वारा 12वीं के मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई थी। इसका खुलासा सुधार परिणाम से भी हो रहा है। मुरादाबाद से करीब 200 विद्यार्थियों ने परिणाम पर आपत्ति जताते हुए पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किए थे। अब जब परिणाम जारी हुए तो कई विद्यार्थियों के नंबरों में काफी इजाफा हुआ है। छात्रा अपूर्वा त्रिपाठी के पहले 94.4 फीसदी अंक आए थे, लेकिन जब कॉपी दोबारा जंची तो उसको 99 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। छात्रा ने दावा किया कि नए परिणाम के आधार पर वह मंडल टॉपर बन गई है।
बुद्धि विहार निवासी आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल की 12वीं की छात्रा अपूर्वा त्रिपाठी के राजनीति विज्ञान की आंसर सीट में 80 में से 53 अंक दिए थे, जबकि परिणाम में 57 अंक चढ़े हुए थे। छात्रा ने परिणाम पर आपत्ति जताते हुए पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। छात्रा का आरोप था कि कई सही उत्तर लिखने के बाद भी अंक नहीं दिए गए। उत्तर पुस्तिका ब्लर और क्रॉप्ड अपलोड की गई। छात्रा ने दावा किया था कि राजनीति विज्ञान में कम से कम 97 अंक आने चाहिए थे। इसके अलावा अपूर्वा ने तभी दावा कर दिया था कि उत्तर पुस्तिका की सही से जांच की जाए तो 99 फीसदी अंक आ जाएंगे। पुनर्मूल्यांकन में छात्रा का दावा सही पाया गया। अब छात्रा के इतिहास में 100 में से 100 अंक और राजनीति विज्ञान में 77 में से 99 अंक हो गए हैं। उसका परिणाम भी अब 99 फीसदी हो गया है।
बहुविकल्पीय में दिए थे शून्य अंक
जिगर कालोनी निवासी और पीएमएस की छात्रा हमदा सैय्यद के पहले 89.8 फीसदी अंक थे, जो सुधार परिणाम में 91.8 फीसदी हो गए हैं। हमदा ने बताया कि भौतिक विज्ञान में नौ और शारीरिक शिक्षा विषय में दो अंक बढ़े हैं। भौतिक विज्ञान में बहुविकल्पीय सवालों में शून्य अंक दिए थे। केस स्टडी का एक सवाल चेक ही नहीं किया था। कुछ अन्य सवालों में अंक कम दिए थे। शारीरिक शिक्षा विषय में थ्योरी के सवालों पर कम अंक दिए थे, जबकि मैंने बिंदुवार लिखा था। भौतिक विज्ञान में पहले 79 अंक थे अब 88 हो गए हैं। शारीरिक शिक्षा में 95 थे अब 97 हो गए हैं। हमदा ने बताया कि खराब परिणाम पर बहुत बुरा लगा था। सीबीएसई को अगली बार इस गलती से सबक लेना होगा।
इस परिणाम से भी नहीं हूं संतुष्ट
रामगंगा विहार निवासी और क्रिप्टन पब्लिक स्कूल की कक्षा 12 की छात्रा सान्वी भरारा ने बताया कि मैंने पांच विषयों में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। पांचों विषयों में ही अंक सुधार हुआ है। कुल मेरे 14 अंक बढ़े हैं। पहले 75 फीसदी अंक थे, अब 78 फीसदी हो गए हैं। इस परिणाम के बाद भी मुझे लग रहा है कि अभी भी उत्तर पुस्तिकाओं का सही मूल्यांकन नहीं हुआ है। खासकर अंग्रेजी विषय में 88 अंक थे। जब शिक्षकों से उत्तर पुस्तिका चेक करवाई तो उन्होंने 97 अंक मिलने की उम्मीद की थी, लेकिन अभी सिर्फ 90 अंक दिए हैं। जिन छात्रों के अंक नहीं बढ़े हैं, उनके पास अंक सुधरवाने का मौका है, लेकिन जिनके कुछ अंक बढ़ गए हैं, उनके पास कोई मौका नहीं है। मुझे जानकारी नहीं है कि किस विषय में कितनी आपत्तियों को सही माना है, यह नहीं पता है। भविष्य में मुझे बीटेक करना है।