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लॉक डाउन में काम धंधा हुआ बंद तो शुरू कर दी लूटपाट

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मुरादाबाद। सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी ने मोबाइल लूटने वाले गिरोह के सरगना समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटे गए दो मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। पुलिस ने मुरादाबाद जनपद के अलग-अलग थानाक्षेत्र में हुईं मोबाइल लूट की पांच घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वह अलग-अलग कामधंधा करते थे। लॉकडाउन के बाद सभी अपने घर में लौट आए। यहां शराब और अन्य महंगे शौक पूरे करने को उन्होंने लूटपाट शुरू कर दी थी।
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सहायक पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह गुनावत ने रविवार की दोपहर को गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस पुलिस कांठ रोड पर आशियाना पुलिस चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान दो बाइकें आतीं दिखीं। हर बाइक पर दो-दो युवक सवार थे। पुलिस कर्मियों के इशारा करने के बावजूद युवकों ने बाइक नहीं रोकी। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने उनका पीछा किया और घेराबंदी कर चारों युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर पता चला कि चारों आरोपी मोबाइल लूट की घटनाएं करते हैं। पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने नाम रोहित, बबलू और अरशद बताया। तीनों आरोपी छजलैट थानाक्षेत्र के संदलीपुर गांव निवासी हैं। जबकि चौथा आरोपी नरेश उर्फ गोविंदा मानपुर थाना छजलैट निवासी है। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि उन्होंने दो माह पहले सिविल लाइंस के फव्वारा चौक और पीलीकोठी चौराहे के बीच एक महिला से मोबाइल छीना था। एक मोबाइल आशियाना कालोनी, एक मोबाइल अगवानपुर ओवर ब्रिज के पास लूटा था। इसके अलावा मोबाइल लूट की एक घटना गलशहीद और एक घटना ठाकुरद्वारा क्षेत्र में भी की थी। महिला से लूटे गए मोबाइल को बारह हजार रुपये में बेच दिया था। इसमें से दो हजार रुपये दावत में खर्च किए थे। बाकी रकम गिरोह के सरगना रोहित के पास थी। पुलिस ने रविवार दोपहर बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
स्नातक तक पढ़ा है गिरोह का सरगना
मुरादाबाद। थाना प्रभारी नवल मारवाह ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह का सरगना रोहित है। रोहित ने पूछताछ में बताया कि उसने स्नातक तक पढ़ाई की है। वह दिल्ली में एक फैक्टरी में अकाउंटेंट था। लॉकडाउन में फैक्टरी बंद हो गई तो वह अपने घर लौट आया था। यहां शराब पीने व अन्य महंगे शौक पूरे करने को उसे रुपयों की जरूरत थी। इसका दोस्त नरेश उर्फ गोविंदा बंगलूरू में होटल में खाना बनाने का कार्य करता था। वह भी लॉकडाउन में घर लौट आया था। आरोपी बबलू और अरशद टाइल्स व पत्थर लगाने का कार्य करते हैं। चारों ने गिरोह बनाकर लूटपाट शुरू कर दी थीं।
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