मुरादाबाद। कानपुर की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। इस दुस्साहसिक वारदात ने मुरादाबाद जनपद के उस मैनाठेर कांड के जख्म भी ताजा कर दिए हैं जिसमें तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमला हो गया था। डीआईजी समेत कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। महीनों तक उनका इलाज चला था। इसके अलावा भी मुरादाबाद में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हुई हैं। यहां भी दबिश देने गई पुलिस टीम पर गोलियां बरसाई गईं। उन पर पथराव किया गया। जिसमें कई जांबाज घायल हुए हैं।
जिले के इतिहास में कालिख की तरह चस्पा मैनाठेर कांड छह जुलाई 2011 को हुआ था। मैनाठेर पुलिस ने छेड़खानी के आरोपी की गिरफ्तारी को गांव में दबिश दी थी। दबिश के दौरान आरोपी के परिजनाें ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। मामला इतना बढ़ गया था कि भीड़ इकट्ठा हो गई थी और संभल मुरादाबाद मार्ग पर तीन जगह जाम लगा दिया गया था। पुलिस चौकी और थाने में आगजनी कर दी थी। पीएसी वाहनों को भी आग लगा दी गई थी। सूचना मिलने पर तत्कालीन डीएम राजशेखर और तत्कालीन डीआईजी/ एसएसपी अशोक कुमार सिंह मौके पर भीड़ को समझाने जा रहे थे। दोनों अधिकारी एक ही गाड़ी से गए थे। डींगरपुर में पब्लिक ने डीआईजी पर हमला कर दिया था। उन्हें गोली मार दी गई थी। तीन माह तक डीआईजी अस्पताल में भर्ती रहे थे।
23 जुलाई 2017 को मुरादाबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि सिविल लाइंस के रामगंगा विहार में व्यापारी के घर डकैती डालने वाले बदमाश अगवानपुर रेलवे क्रासिंग के पास गन्ने के खेत में माल का बंटबारा कर रहे हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। जिसमें एसओजी में तैनात सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा (वर्तमान में भोजपुर थानाध्यक्ष) और एक सिपाही घायल हो गया था। इसके बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को दबोच लिया था। पंद्रह अप्रैल 2020 को नागफनी के नवाबपुरा में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव किया गया था। इस दौरान आरोपियों ने तमंचों से फायरिंग भी की थी। मझोला थानाक्षेत्र के जयंतीपुर में बदमाश को पकड़ने गई पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी गई थी। जिसमें गोली लगने से दरोगा घायल हो गया था।
दो सिपाहियों की हत्या कर फरार हो गए थे तीन बंदी
मुरादाबाद। 17 जुलाई 2019 को मुरादाबाद जिला जेल से 24 बंदियों को वैन द्वारा चंदौसी कोर्ट में पेश किया गया था। पेशी के बाद पुलिस कर्मी बंदियों को लेकर जिला कारागार लौट रहे थे। मुरादाबाद चंदौसी मार्ग पर तीन बंदी कमल, धर्मपाल और शकील ने वैन में पीछे बैठे सिपाही हरेंद्र और ब्रजपाल की आंखों में मिर्च झोंक दी थी और उनके हथियार छीन कर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। जिसमें जांबाज सिपाही ब्रजपाल और हरेंद्र शहीद हो गए थे। बाद में दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया गया। जबकि एक बदमाश जेल में है। शहीद सिपाही ब्रजपाल का परिवार नवीन नगर और हरेंद्र सिरोही का परिवार आशियाना कालोनी में रहता है।
कानपुर घटना को लेकर पुलिस अलर्ट, पूरी तैयारी संग दी जाएगी दबिशें
मुरादाबाद। कानपुर की घटना को लेकर मुरादाबाद पुलिस भी अलर्ट हो गई है। बदमाशों की गिरफ्तारी को पूरी तैयारी के साथ दबिश दी जाएगी। एसएसपी अमित पाठक ने बताया बीच बीच में पुलिस को अलर्ट किया जाता है कि दबिश के दौरान हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहन कर ही दी जाएं।