मुरादाबाद। जिले में एक मार्च से गेहूं की खरीद का कार्य शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली है। किसानों की सुविधा के लिए जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति पर तीन क्रय केंद्र खोले जाएंगे। इनमें से दो केंद्रों पर स्टाफ की भी तैनाती कर दी गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र ठाकुरद्वारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र ने बताया कि इस बार मौसम गेहूं की फसल के लिए बेहतर रहा है। इससे उत्पादन भी अच्छा रहेगा। डिप्टी आरएमओ विनीता मिश्रा ने बताया कि पिछले साल जिले में गेहूं का कुल उत्पादन 530064 मीट्रिक टन हुआ था। तब 86 गेहूं कय केंद्रों पर शासन से आवंटित लक्ष्य 101300 मीट्रिक टन के सापेक्ष 15012.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद 1739 किसानों से हो सकी थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में गेहूं खरीद के लिए जिले में 90 क्रय केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव खाद्य आयुक्त कार्यालय लखनऊ से उपलब्ध कराया गया है। क्रय संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रस्तावों के आधार पर डीएम ने फिलहाल 66 गेहूं कय केंद्रों को खोले जाने का अनुमोदन दिया है। डीएम ने क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को करीब 24 और क्रय केंद्रों का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से मिले आंकड़े के मुताबिक इस बार जिले के 120230 हेक्टेयर क्षेत्र में किसान गेहूं की खेती कर रहे हैं। जिले में इस बार करीब 531030 मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की उम्मीद है। अभी तक गेहूं विक्रय के लिए 3030 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में खाद्य विभाग द्वारा खोले जाने वाले तीन क्रय केंद्रों में से दो क्रय केंद्रों का मार्केटिंग इंस्पेक्टर समरपाल को केंद्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। तीसरे क्रय केंद्र पर अभी प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सभी क्रय एजेंसियों को अपनी तैयारी पूरी कर लेने के निर्देश दिए गए हैं।
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