ठाकुरद्वारा। नगर पालिका ने 18,000 नगरवासियों को बढ़े हुए हाउस टैक्स का नोटिस जारी किया है। इस पर आपत्ति दर्ज करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।
वहीं हाउस टैक्स के साथ वॉटर टैक्स भी लगाया गया है। नगर पालिका ऐसे गृह स्वामियों से भी वाटर टैक्स वसूलेगी, जिनके घर पानी का कनेक्शन नहीं है। नगर पालिका के नोटिस जारी होने से लोगों में हड़कंप मच गया है। नगर पालिका के पूर्व सभासद राजेंद्र पांडेय ने इसका विरोध किया है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। इसकी जांच नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रश्मि सिंह को दी गई है।
नगर पालिका ने करीब तीन करोड़ रुपये का हाउस टैक्स वसूलेगी। इससे पहले नगर पालिका नगर से प्रत्येक वर्ष करीब 20 लाख का हाउस टैक्स वसूलती थी, लेकिन अब यह धनराशि बढ़ाकर कई गुना कर दी गई है। आवासीय, व्यवसायिक व औद्योगिक क्षेत्रों से कर वसूला जाएगा। पहले जिस आवास से 100 रुपये वसूला जाता था, अब उसे बढ़ाकर करीब 600 कर दिया गया है।
नगर पालिका का कहना है कि प्रत्येक गृह स्वामी को प्रति वर्ष 612 रुपए वाटर टैक्स देना होगा। नगर में करीब 18,000 आवासीय व व्यावसायिक स्थल हैं। इनमें से सिर्फ 5000 घरों में पानी का कनेक्शन है। जिन घरों में कनेक्शन नहीं है उन्हें भी वाटर टैक्स देना होगा। जबकि पूरे नगर में सिर्फ 12 स्टैंड पोस्ट हैं, जिनके माध्यम से करीब 10 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली नगर के लोग पानी नहीं भर सकते हैं। नगर पालिका से हाउस टैक्स के नोटिस मिलने के बाद लोगों ने इस पर अपनी आपत्ति जताई है।
इस बारे में नगर पालिका के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान सैफी ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जल मूल्य के स्थान पर सिर्फ वाटर टैक्स देना होगा। सरकार निकायों की आय बढ़ाने के लिए ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने निकाय कर्मचारियों को अपने स्तर से वेतन देने से अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। नए टैक्स से ही कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा बनाई गई नियमावली के आधार पर ही हाउस टैक्स निर्धारण किया गया है। हाउस टैक्स पर जो आपत्तियां मिलेंगी, उन पर सुनवाई की जाएगी।