बिलारी। ग्वारखेड़ा गांव की आबादी में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्ग पर लगातार जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। रविवार दोपहर ग्रामीणों ने जलभराव वाले इलाके में जमा होकर पंचायतराज विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और बीडीओ को ज्ञापन भेजकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई।
बिलारी से शाहबाद को जाने वाली सड़क से ग्वारखेड़ा गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर भगवान शिव और शनिदेव का मंदिर है। गांव की आबादी से पूरब की ओर बाहर जाने के लिए केवल यही एक रास्ता है। इसी रास्ते पर बीते लगभग एक साल से आसपास के घरों का गंदा पानी भरा हुआ है। स्कूली बच्चे और दैनिक कार्यों से शाहबाद रोड पर जाने वाले ग्रामीणों को मजबूरन इसी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। महिला भक्तों को दोनों मंदिरों तक जाने में भी काफी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व के वर्षों में ग्राम समाज के जिस गहरे गड्ढे में पानी जाता था, वह नाली पट गई। आबादी के निकट जो दूसरा तालाब है उस तक पानी जाने के लिए नाली बनी हुई है। खेत स्वामियों ने अपनी मेड़ें ऊंची कर दीं, इससे पानी रुक गया। ग्राम प्रधान हंसमुखी देवी ने बताया कि आबादी से निकट के तालाब तक नाला निर्माण के लिए ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेजा चुका है। शासन से अभी तक धनराशि मंजूर न होने के कारण नाला निर्माण नहीं हो पा रहा है।
गांव निवासी तीरथ सिंह, महेशपाल, नेनसुख, धर्मवीर सिंह, दुर्गेश कुमार, बाबू सिंह, स्योराज सिंह, सोमपाल सिंह, रामवीर सिंह, अजय सिंह, महीपाल सिंह, रामौतार सिंह, कांता प्रसाद आदि रविवार दोपहर जलभराव के निकट वाले चौक पर इकट्ठा हुए। ग्रामीणों ने पंचायतराज विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और बीडीओ बिलारी को ज्ञापन भी भेजा। बीडीओ का कहना है कि ग्रामीणों की यह समस्या उनकी तैनाती से पहले की है। ग्रामीणों का ज्ञापन मिलने पर पंचायत सचिव को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और समस्या का समाधान कराने के लिए एस्टीमेट बनवाकर भिजवाया जाएगा।
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