कांठ। क्षेत्र में कांवड़ पथ पर गांव मौहड़ी हजरतपुर के पास स्थित श्री श्री 1008 स्वामी देयानंद देव स्वरूप निष्कलंकी महाराज के आश्रम और शनि देव के मंदिर से कुछ दूरी पर बनी शराब की दुकानों का ग्रामीणों और महिलाओं ने विरोध करते हुए इन्हें यहां से हटवाने की मांग की है। इस संबंध में अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र भी दिया गया है।
सोमवार को कांठ तहसील पहुंचे मौहड़ी हजरतपुर सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि कांवड़ पथ शनि देव मंदिर और श्री-श्री 1008 स्वामी देवानंद देव स्वरूप निष्कलंकी महाराज का आश्रम स्थित है। लेकिन यहां कुछ दूरी पर ही शराब की दुकानें हैं। वह पहले भी कई बार इन दुकानों को यहां से हटवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महिलाओं का कहना था कि वह इधर से होकर निकलतीं हैं तो शराब की दुकानों पर भीड़ होने से परेशानी होती है। ग्रामीणों और महिलाओं ने सीओ सुनीता दहिया सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र देते हुए शराब की दुकानों को यहां से हटवाने की मांग की है। इस दौरान आश्रम के महंत संत दयानंद महाराज, राष्ट्रीय समानता दल के जिलाध्यक्ष तेज सिंह सैनी, ऊषा देवी, राजवती, सुदेशना रानी, कुसुम देवी, अलका, सुनीता, चंद्रपाल सिंह, शीतल, ममता, जगदीश सिंह, ज्योति, सोनी देवी, सुरेश कुमार, हरपाल सिंह, मनीष चौहान, मूर्ति देवी, ओमपाल सिंह, रूबी आदि ग्रामीण रहे।
शराब की दुकानें मंदिर और आश्रम से कुछ दूरी पर ही हैं। शराब पीने वाले आते-जाते बच्चों को भी परेशान करते हैं। यहां से शराब की दुकानों को हटाया जाना चाहिए।
संत दयानंद महाराज
कांवड़ पथ पर शराब की दुकानों के होने से महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। अधिकारियों को इसका संज्ञान लेकर दुकानों को यहां से हटवाना चाहिए।
तेज सिंह सैनी जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल
पशुओं के चारा लेने जंगल जाते हैं तो रास्ते में शराब की दुकानों होने से निकलने में दिक्कत होती है। बेटियां भी इधर से निकलने में डरती हैं।
केला देवी मौहड़ी हजरतपुर
शराब की दुकानें रास्ते में होने से इसका बच्चों पर भी असर पड़ेगा। दुकानों पर हर समय भीड़ रहने से आने-जाने में डर लगता है, यहां से दुकानें हटनी चाहिए।
नीरज देवी मौहड़ी हजरतपुर
- ग्रामीणों की ओर से शराब की दुकानों को लेकर शिकायत की गई है। इस संबंध में आबकारी विभाग के
अधिकारियों से भी बात की गई है, साथ ही एक लिखित पत्र भी भेजा गया है।
स्निग्धा चतुर्वेदी एसडीएम, कांठ