जिले में छह एंबुलेंस (मोबाइल वेटनरी यूनिट) शासन से मिली हैं। जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर चालक, पशु चिकित्सक, सहायक आदि के साथ तैनात किया गया है। जिले में 5,85,654 पशु हैं। पशुपालन विभाग की ओर से इनके उपचार की सुविधा के लिए जिले में 21 पशु चिकित्सालय और 45 पशुसेवा केंद्र हैं। छह पशु चिकित्सालय और नौ पशुसेवा केंद्र चिकित्सक के अभाव में निष्क्रिय हैं।
पशुओं के बीमार होने पर उन्हें अस्पताल तक ले जाना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी को देखते हुए शासन ने जिले को छह मोबाइल वेटनरी यूनिट (मोबाइल एंबुलेंस) उपलब्ध कराई हैं। बीमार पशु के इलाज के लिए अब पशुपालकों को टोल फ्री नंबर 1962 पर फोन करना होगा। यह कॉल सीधे लखनऊ मुख्यालय के कंट्रोल रूम पर जाएगी। वहां से सूचना निकटवर्ती मोबाइल वेटनरी यूनिट (मोबाइल एंबुलेंस) के चालक को भेजकर उसे संबंधित पशुपालक के पास भेजा जाएगा। अधिकतम 45 मिनट में एंबुलेंस पहुंच जाएगी। पशु के इलाज के बाद टीम इसकी सूचना मुख्यालय को देगी।
इन विकास खंडों में तैनात की गईं एबुलेंस
विकास खंड एंबुलेंस संख्या
बिलारी 02
डिलारी 02
मूंढापांडे 01
सदर मुख्यालय (बंगला गांव) 01
इन पशुओं का टीम करेगी इलाज
गोवंशीय, महिष वंशीय पशुओं के अलावा बकरी, कुत्ता, बिल्ली, सूकर, भेड़, घोड़ा आदि पालतू पशु।
- पशु पालकों को सबसे अधिक परेशानी बीमार पशु को चिकित्सालय अथवा पशुसेवा केंद्र तक ले जाने में होती है। इसी को देखते हुए शासन से मिली एंबुलेंस को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। 1962 पर फोन कर वे पशुपालक इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं, जिनका घर पशु चिकित्सालय या पशुसेवा केंद्र से दो किमी दूर हो। - डॉ. अनिल कंसल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।