मुरादाबाद। राज्य कर विभाग की टीमों ने हाईवे पर चेकिंग के दौरान लोहे और लकड़ी के 31 वाहनों को जीएसटी चोरी के आरोप में पकड़ लिया।
पकड़े गए वाहनों में लदे माल के मालिकों ने 31.5 लाख रुपये तत्काल जमा कर दिए। स्क्रैप और जूता सोल के कारोबारी के तीन वाहन संदिग्ध पाए गए हैं। राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड -1 अशोक कुमार सिंह ने जीएसटी चोरी पकड़ने के लिए बुधवार को 24 घंटे की चेकिंग का अभियान चलाया। इस दौरान मंडल के पांचों जिलों के अधिकारी रात में हाई वे पर चेकिंग करते रहे। जांच में लोहे के स्क्रैप के 18 वाहन पकड़े गए।
इनमें आठ चालकों के पास ई वे बिल भी मौजूद नहीं थे। फिर चालक गाड़ी लेकर हरियाणा और पंजाब की तरफ जा रहे थे। दस लकड़ी से भरी गाड़ियां, एक कपड़ा, एक अल्यूमिनियम, एक पुरानी बैटरी से लदी गाड़ी थी। जांच में जीएसटी चोरी का मामला सामने आने पर कुछ कारोबारियों ने 31.5 लाख रुपये जमा कर दिया।
बोगस फर्मों का रैकेट पकड़ा गया
मुरादाबाद। राज्य कर अधिकारियों ने जांच के दौरान प्राथमिक स्तर पर बोगस फर्मों का रैकेट पकड़ा है। इसी कारण आयरन और जूता सोल से लदी तीन गाड़ियों को विभाग ने जांच के लिए जब्त किया है। आरोप है ये फर्में सरिया का माल खरीदकर आयरन स्क्रैप बेच रही हैं।
राज्य कर अधिकारियों की जांच से पता चला कि लखनऊ से सरिया खरीदने के बाद एक कारोबारी पंजाब में स्क्रैप की बिक्री कर रहा है। दोनों वाहनों पर माल लखनऊ से लदा हुआ बताया गया है। इस मामले में कारोबारी के पिछले रिकार्ड को खंगाला जा रहा है। फर्जी बिलों के खेल का मामला पकड़े जाने की आशंका है। इसी प्रकार जूता सोल का कारोबार करने वाली एक फर्म माल बदलकर बेंच रही है। दोनों फर्मों ने करोड़ों का कारोबार किया है। राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड -2 का कहना है कि अभी दोनों फर्मों के रिकार्ड को खंगाला जा रहा है। जांच के बाद विस्तृत विवरण दिया जाएगा।