निकाय चुनाव को लेकर बृहस्पतिवार मतदान का कार्य संपन्न हो गया। मतदान के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दिखी स्थिति से यहां भाजपा और कांग्रेस में सीधी कड़ी टक्कर के आसार हैं। इन्हीं दोनों दलों के बस्ते भी लगभग सभी स्थानों पर दिखाई दिए। 673996 मतदाताओं वाली इस नगर निगम क्षेत्र से मेयर पद के 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं वहीं 70 वार्डों से पार्षद पद के लिए 485 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
मेयर पद के लिए तो सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे लेकिन कोई भी राजनीतिक दल ऐसा नहीं है जिसने सभी वार्डों से अपने प्रत्याशी उतारे हों। मतदाता भी खुल कर अधिकांश समय सामने नहीं आए। मतदान से एक दिन पहले तक चुप्पी साधे रहने वाले मतदाताओं का प्रयास रहा कि वह मतदान समाप्त होने तक अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन बूथों के बाहर लगाए गए बस्तों पर दिखी उनकी सक्रियता काफी कुछ बयां कर गई।
सुबह दस बजे के बाद मतदान ने तेजी पकड़ी। शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्र करूला, मुगलपुरा, गलशहीद, जामा मस्जिद, भूड़े का चौराहा, जीआईसी क्षेत्र में अन्य की अपेक्षा पंजा अधिक ताकतवर दिखाई दिया। वहीं बुद्धि विहार, लाइनपार, कांशीरामनगर, रामगंगा विहार कॉलोनी, नवीननगर आदि क्षेत्र में कमल खिलता दिखाई दिया। काजीपुरा में हाथी और साइकिल भी कुछ रफ्तार भरती नजर आई। राजनीतिक पार्टियों के बूथों के बाहर लगने वाले बस्तों की बात करें तो शहर के अधिकांश स्थानों पर भाजपा और कांग्रेस के ही बस्ते अधिक दिखाई दिए।
राजनीतिक दृष्टिकोण से सबसे अधिक मजबूत सपा के बस्ते तक कई स्थानों पर नहीं लगे दिखाई दिए। कमोवेश यही स्थिति राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा प्राप्त कर चुकी आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की रही। एआईएमआईएम के भी शहर के अधिकांश स्थानों पर बस्ते नहीं लगे। कई ऐसे भी मतदान केंद्र रहे जिसके बाहर निर्दलियों के बिस्तरों पर भी थोड़ी बहुत भीड़ देखने को मिली। लेकिन ओवरऑल पूरे शहर में भाजपा और कांग्रेस में टक्कर होने की ही चर्चा चलती रही। जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा यह तो मतगणना परिणाम तय करेंगे, लेकिन जानकार शहर में भाजपा से कांग्रेस की सीधी और कड़ी टक्कर मान रहे हैं।