इस मामले में जीआरपी ने उसके कुछ साथियों को हिरासत ले लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। संभल के हातिम सराय निवासी एवं राज मिस्त्री भगवत कश्यप के चार बेटों में सबसे बड़ा सोनू कश्यप (27) मझोला के कांशीराम नगर में तीन माह से रह रहा था। वह अन्य युवकों के साथ ट्रेनों में पानी की बोतल बेचता था।
भगवत कश्यप और उनके बाकी तीन बेटे मोनू, मनीष और अमर सिंह संभल में रहते हैं। भगवत कश्यप ने बताया कि उनके पास सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे किसी युवक ने कॉल की और बताया कि उनके बेटे सोनू का शव रेलवे स्टेशन परिसर में लाइन पार साइड में केजीके कॉलेज पुल के पास वरिष्ठ खंड अभियंता इंचार्ज (रेल पथ) आशुतोष कुमार के दफ्तर के सामने खंडहर में पड़ा है।
खंडहरनुमा इमारत में मिला शव
इसकी सूचना मिलने पर भगवत अपने तीनों बेटों के साथ मौके पर आ गए। भगवत ने बताया कि उन्होंने देखा कि उनके बेटे के सिर से खून बह रहा है इसके अलावा खंडहर के आसपास जगह-जगह खून पड़ा हुआ था। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बेटे की पीट-पीटकर हत्या की गई है।
पुलिस को दोस्तों पर शक
सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम मौके पर बुला ली गई। जीआरपी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ युवकों से पूछताछ की जा रही है।