यह था मामला
करीब एक माह पहले मुगलपुरा क्षेत्र में रहने वाली युवती ने मुगलपुरा थाने में नागफनी क्षेत्र में रहने वाले युवक के खिलाफ केस दर्ज कराया था जिसमें पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इससे युवती गर्भवती हो गई थी। युवती ने अनचाहा गर्भ गिराने के लिए अपने अधिवक्ताओं के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
उस वक्त युवती 18 सप्ताह तीन दिन की गर्भवती थी। कोर्ट के आदेश पर 17 अक्तूबर को सीएमओ के निर्देश में गठित मेडिकल बोर्ड ने युवती की उम्र और गर्भ को लेकर रिपोर्ट तैयार कर 19 अक्तूबर को अदालत को सौंपी दी। इसके बाद न्यायमूर्ति ने मुरादाबाद की सीजेएम को शक्तियां निहित करते हुए इस मामले की सुनवाई को कहा।
21 अक्तूबर को छुट्टी होने के बाद कोर्ट लगी और मुरादाबाद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए युवती को गर्भ गिराने की अनुमति दे दी।
27 को होगी कोर्ट में सुनवाई
दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात कराने को लेकर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो सकीं। अब इस मामले में 27 अक्तूबर को सुनवाई होगी। पीड़िता ने अपने अधिवक्ता की ओर से अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर गर्भपात निजी अस्पताल में कराने की मांग की है लेकिन अदालत ने 27 अक्तूबर को प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।