29 अप्रैल को किया था गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर फैयाजनगर के पास सड़क धंसने की घटना ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगभग 36,230 करोड़ रुपये (चरण-1) की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने वाला एक विशाल नेटवर्क है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था, जिसके बाद इसका निर्माण कराया गया। 29 अप्रैल 2026 को हरदोई से प्रधानमंत्री ने इसका औपचारिक लोकार्पण किया और यह एक्सप्रेसवे आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया।
एक्सप्रेसवे के निर्माण को दो बड़े खंडों में बांटा गया था। मेरठ से अमरोहा/बदायूं खंड का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया गया है, जबकि बदायूं से प्रयागराज तक के हिस्से का निर्माण अडानी एंटरप्राइजेज के पास है।
594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर यूपीडा की गाइडलाइंस के तहत मई 2026 से श्रेणीवार प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल दरें लागू की गई हैं। हालिया बारिश में सड़क धंसने की घटना के बाद अब इसकी मेंटेनेंस और गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अमरोहा में गंगा एक्सप्रेसवे का 23.6 किमी का हिस्सा है।
14 अगस्त को शाम के समय फैयाजनगर के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंस गई थी। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने टूटी सड़क का मलबा हटवाकर उसकी मरम्मत कराई। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। - कमल सिंह, फैयाजनगर
बारिश की वजह से पुलिया के पास सड़क का कुछ हिस्सा धंस गया था। कुछ समय बाद उसे सुचारु करा दिया गया। - श्याम सिंह, फैयाजनगर