पोस्टरों की जानकारी मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव पार्टी नेताओं के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पोस्टर फाड़कर हटा दिए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पोस्टर भाजपा नेताओं की ओर से लगवाए गए हैं। जयवीर यादव ने कहा कि 2027 का चुनाव नजदीक आते ही भाजपा इस तरह की पोस्टरबाजी से माहौल बनाने में जुट गई है।
सपा की ओर से मामले की शिकायत पुलिस से करने की बात कही गई है। सपा के आरोपों पर भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला ने कहा कि उन्हें पोस्टरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पोस्टरों पर इन्हें लगवाने वाले किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का नाम भी नहीं है।
कई शहरों में एक साथ दिखे पोस्टर
मुरादाबाद के अलावा लखनऊ, उन्नाव, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई शहरों में भी सपा के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कुछ पोस्टरों में अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश और वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया जैसे संदेश लिखे गए हैं। इनमें अलग-अलग इलाकों से जुड़े अपराध के चर्चित नामों और सपा से जुड़े नेताओं की तस्वीरों को एक साथ दिखाया गया है।
सपा नेताओं ने की एसएसपी से मुलाकात
सपा नेता और जिलाध्यक्ष जयवीर यादव और प्रवक्ता धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी इस मामले में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव पर आरोप लगाने से पहले भाजपा को अपने शासनकाल में अपराध के मामलों पर भी जवाब देना चाहिए।