अग्रवाल के मुताबिक 18 सितंबर की शाम दिल्ली रोड स्थित एक निर्यात फैक्टरी में बैठक के दौरान उन्होंने इकबाल शम्सी से कंपनी के लगभग 26 लाख रुपये से संबंधित खातों और लेनदेन का हिसाब मांगा। आरोप है कि इस पर भड़के शम्सी ने उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
गालियों के साथ जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान दो अन्य निर्यातक भी मौजूद थे। अग्रवाल ने इस घटना के बाद जान को खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। साथ ही एमआईडीपीएल के करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन और खातों में अनियमितता की आशंका जताते हुए जांच की मांग उठाई है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह का कहना है कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। उधर, निर्यातक इकबाल शम्सी का कहना है कि कंपनी में 26 लाख रुपये के बिजली के बिल का मामला है। महेश चंद्र अग्रवाल से उनके 20 साल से संबंध हैं। आपस में बैठक कर विवाद को सुलझा लिया जाएगा। यह कोई बड़ी बात नहीं है।
अहसन ग्रुप में भी वित्तीय अनियमितता की आशंका जता जांच की मांग
निर्यातक महेश अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि इकबाल शम्सी से जुड़े अहसन ग्रुप की भी गंभीर वित्तीय शिकायतें हैं। इस ग्रुप द्वारा गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों की सहायता के नाम पर बड़ी मात्रा में चैरिटी और जकात की धनराशि प्राप्त की जाती है।
आशंका है कि इस ग्रुप को प्राप्त होने वाली जकात एवं अन्य चैरिटेबल धनराशि के उपयोग में वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। इसमें आई धनराशि का उपयोग गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए नहीं किया गया है।
उन्होंने अहसन ग्रुप के बैंक खातों, जकात के रूप में प्राप्त धनराशि, दानदाताओं से प्राप्त रकम, लाभार्थियों को किए भुगतान, खर्चों, वाउचर, रसीदों, ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेजों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।