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आजम-अब्दुल्ला की सुरक्षा को लेकर पुलिस चिंतित, घर पर चस्पा किया नोटिस

Sat, 03 Aug 2019 02:10 AM IST
Vikas Kumar यूपी डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
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पुलिस ने आजम खां के घर पर चिपकाया नोटिस - फोटो : अमर उजाला
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सांसद आजम खां और स्वार टांडा विधायक अब्दुल्ला आजम की सुरक्षा को लेकर पुलिस चिंचित नजर आ रही है। पुलिस ने दोनों को नोटिस जारी कर पूछा कि सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर क्यों नहीं चल रहे हैं। पुलिस ने दोनों को परामर्श दिया है कि वे सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर चलें। नोटिस रिसीव नहीं करने पर पुलिस ने इसे आजम खां के घर पर चस्पा कर दिया। 

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कई आरोपों से घिरे सांसद आजम खां सरकार की ओर से दी गई वाई श्रेणी की सुरक्षा भी साथ लेकर नहीं चल रहे हैं। उनके विधायक पुत्र अब्दुल्ला आजम खां भी सुरक्षा में लगे जवानों को लेकर नहीं जा रहे हैं। ऐसे में दोनों को खतरा हो सकता है। इस बावत पुलिस की ओर से दोनों को नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस आजम खां के आवास के बाहर चस्पा कर दिया गया है। 

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सांसद आजम खां को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उनके बेटे स्वार विधायक अब्दुल्ला को भी सुरक्षा मिली है। लेकिन, इसके बाद भी दोनों ही नेता सुरक्षा लेकर नहीं चल रहे हैं। इस पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल  ने दोनों नेताओं को सुरक्षा साथ लेकर चलने का आग्रह किया है। 
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सांसद आजम खां और विधायक अब्दुल्ला आजम को राजकीय सुरक्षा प्रदान की गई है। दोनों सुरक्षाकर्मियों के साथ भ्रमण नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सांसद और विधायक को परामर्श दिया गया है कि वह सुरक्षाकर्मियों को साथ रखें। 
डॉ. अजयपाल एसपी

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'पुलिस की फिक्रमंदी के पीछे है साजिश'

सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर चलने के पुलिस के नोटिस पर सवाल उठाते हुए विधायक अब्दुल्ला आजम ने कहा है कि इस फिक्रमंदी के पीछे साजिश है। पुलिस को हमारी सुरक्षा की याद पहले क्यों नहीं आई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद आजम खां की सुरक्षा क्यों घटाई गई। हमारे पुराने गनर क्यों बदल दिए गए। क्या पुलिस मुखबिरी करना चाहती है, हमारा लोकेशन जानना चाहती है। 

अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अब्दुल्ला ने कहा कि आजम खां को वाई श्रेणी की सुरक्षा के नाम पर दो गनर दिए हैं, मेरे पास एक गनर है। पिछले ढाई साल से जो गनर तैनात थे, उनको 10-15 दिन पहले बदल दिया गया है। प्रदेश में जो फर्जी एकाउंटर हो रहे हैं उसको देखते हुए लगता है कि इसके पीछे पुलिस की साजिश है।

उन्होंने कहा कि गुरुवार को उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता और उसके परिवार को भी यूपी पुलिस ने सुरक्षा दी थी। उनकी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी मुखबिरी करते थे। सुप्रीम कोर्ट जब तल्ख टिप्पणी की तो सरकार ने खुद तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है तो क्या पुलिस हमारी भी मुखबिरी करना चाहती है, हमारा लोकेशन जानना चाहती है।

अब्दुल्ला ने कहा कि रामपुर में पिछले एक माह से क्या हालात हैं। सरकार बदलने के ढाई साल के बाद पुलिस को हमारी सुरक्षा याद आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस फिक्रमंदी के पीछे षडयंत्र है, इसमें साजिश की बू आ रही है।
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