सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर चलने के पुलिस के नोटिस पर सवाल उठाते हुए विधायक अब्दुल्ला आजम ने कहा है कि इस फिक्रमंदी के पीछे साजिश है। पुलिस को हमारी सुरक्षा की याद पहले क्यों नहीं आई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद आजम खां की सुरक्षा क्यों घटाई गई। हमारे पुराने गनर क्यों बदल दिए गए। क्या पुलिस मुखबिरी करना चाहती है, हमारा लोकेशन जानना चाहती है।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अब्दुल्ला ने कहा कि आजम खां को वाई श्रेणी की सुरक्षा के नाम पर दो गनर दिए हैं, मेरे पास एक गनर है। पिछले ढाई साल से जो गनर तैनात थे, उनको 10-15 दिन पहले बदल दिया गया है। प्रदेश में जो फर्जी एकाउंटर हो रहे हैं उसको देखते हुए लगता है कि इसके पीछे पुलिस की साजिश है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार को उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता और उसके परिवार को भी यूपी पुलिस ने सुरक्षा दी थी। उनकी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी मुखबिरी करते थे। सुप्रीम कोर्ट जब तल्ख टिप्पणी की तो सरकार ने खुद तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है तो क्या पुलिस हमारी भी मुखबिरी करना चाहती है, हमारा लोकेशन जानना चाहती है।
अब्दुल्ला ने कहा कि रामपुर में पिछले एक माह से क्या हालात हैं। सरकार बदलने के ढाई साल के बाद पुलिस को हमारी सुरक्षा याद आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस फिक्रमंदी के पीछे षडयंत्र है, इसमें साजिश की बू आ रही है।