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होने जा रहा बहुत बड़ा बदलाव: फरियादियों से 'सर' कहकर बात करेगी यूपी पुलिस, कुर्सी पर बैठाकर सुनी जाएगी हर बात

Tue, 03 Feb 2026 09:02 PM IST
विकास कुमार जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद।

सार

थाने में आने वाला हर फरियादी तनाव में होता है। उनसे सम्मानजनक और सहयोगी व्यवहार उनकी हिम्मत बढ़ाएगा। इसके लिए सबसे पहले पुलिस कर्मियों के व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। 
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फरियादियों से 'सर' कहकर बात करेगी यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश पुलिस सिर्फ कानून का पालन कराने नहीं बल्कि सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करने वाली फोर्स के रूप में भी अब नजर आएगी। थाने में आने वाले हर फरियादी से पुलिस कर्मी सर बोलेंगे और उन्हें कुर्सी पर बैठाकर पूरे सम्मान के साथ उनकी बात सुनेंगे। उत्तर प्रदेश के हर जिले के चुनिंदा पुलिस कर्मियों को डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में व्यवहार और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह पुलिस कर्मी ट्रेनर के रूप में तैयार होकर अपने अपने जिलों में अन्य पुलिस कर्मियों के साथ ट्रेनिंग के अनुभवों साझा करेंगे।

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लखनऊ में पुलिस मुख्यालय में कार्यशाला का आयोजन
27 और 28 दिसंबर 2025 को लखनऊ में पुलिस मुख्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया था। दो दिन चले इस कार्यक्रम में पुलिसिंग सुधार, अपराध नियंत्रण, तकनीक, साइबर और पुलिस के व्यवहार और संवेदनशीलता पर भी लंबी चर्चा हुई थी। इसके बाद डीजीपी स्तर पर निर्णय लिया गया गया है कि थाने, चौकी और अन्य कार्यालयों व विंग में तैनात पुलिस कर्मियों का व्यवहार अच्छा किया जाए। फरियादी की बात ध्यान से सुनना और उनकी समस्या को समझना भी पुलिसिंग का ही हिस्सा है। 

सम्मानजनक और सहयोगी व्यवहार बढ़ाएगा फरियादी की हिम्मत
थाने में आने वाला हर फरियादी तनाव में होता है। उनसे सम्मानजनक और सहयोगी व्यवहार उनकी हिम्मत बढ़ाएगा। इसके लिए सबसे पहले पुलिस कर्मियों के व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। दस-दस जिलों के चुनिंदा इंस्पेक्टर और सीओ को ट्रेनिंग के लिए डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में बुलाया जाएगा। इसके बाद यह पुलिस कर्मी अपने अपने जिलों में जाकर अन्य पुलिस कर्मियों के साथ ट्रेनिंग के अनुभव को साझा कर पुलिस के व्यवहार बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस अकादमी में इस विशेष ट्रेनिंग के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र भेजकर ट्रेनिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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चरणबद्ध तरीके से कराई जाएगी ट्रेनिंग 
थाने में आने वाला हर फरियादी सम्मान का हकदार है। उनके साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। फरियादी की बात ध्यान से सुनना और उनकी समस्याओं को समझना पुलिसिंग का ही हिस्सा है। पुलिस कर्मियों को संवेदनशील व्यवहारिकता की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी फरियादियों को सर कहकर पुलिस कर्मी पुकारेंगे। यह ट्रेनिंग चरणबद्ध तरीके से कराई जाएगी। -राजीव सभरवाल, डीजी ट्रेनिंग, उत्तर प्रदेश पुलिस
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