मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
एक हॉल में पांच कक्षाओं के बच्चे
शिक्षिकाओं का कहना है कि सर्दी के समय में बाहर धूप में अलग-अलग जगह बच्चों को बैठा देते हैं, लेकिन गर्मियों में ज्यादा परेशानी होती है। पंचायत भवन के हॉल में पांच कक्षाएं एक साथ चलानी पड़ती हैं। शिक्षिकाओं के अनुसार चारों दिशाओं की ओर मुंह करके बच्चों को बैठाते हैं। फिर भी एक कक्षा के बराबर में दूसरी कक्षा लगानी पड़ती है। बरामदे या गैलरी में रसोइया खाना बनाती है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पढ़ाई नहीं हो पाती।
मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल
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एक शौचालय...नल का पानी गंदा
कक्षा पांच की छात्रा सोनाक्षी ने बताया कि एक ही शौचालय होने से कई बार इंतजार करना पड़ता है। छात्र अनस ने बताया कि एक साथ बैठने की वजह से कुछ समझ में नहीं आता कि कौन सा विषय पढ़ रहे हैं। छात्रा आफरीन ने बताया कि जब शिक्षिकाएं पढ़ाती हैं तो दूसरे बच्चों की इतनी ज्यादा आवाज आती है कि शिक्षकों का बोला सुनाई नहीं देता है। शिक्षिकाओं ने बताया कि पानी की भी समस्या है। एक नल लगा है उससे भी गंदा पानी आता है।
मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल
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अधूरा भवन बना कूड़ाघर
अधूरे भवन के एक कमरे में गली की ओर से कूड़े का ढेर लगा हुआ था। शिक्षकों का कहना है कि कई बार असामाजिक तत्व भी यहां बैठते हैं। जुआ और शराब जैसी अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल
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शासन से निर्देश मिले हैं कि जितने भी प्राथमिक विद्यालय में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी विभाग की थी, उनको वैसी ही स्थिति में शिक्षा विभाग को सौंपना है। अगला काम आवश्यकतानुसार संबंधित विभाग करवाएगा। इसमें जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग को विद्यालय सौंप दिए जाएंगे। तूलिका शर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी