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UP: संभल में जामा मस्जिद के पास पदयात्रा निकालने के एलान पर पुलिस प्रशासन अलर्ट; पीएसी और आरआरएफ तैनात

Wed, 19 Nov 2025 10:25 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल में पदयात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। जामा मस्जिद के आसपास भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। जामा मस्जिद को श्री हरिहर मंदिर का दावा करने वाली याचिका में शामिल महंत ऋषिराज गिरी ने पदयात्रा निकालने का आह्वान किया है।
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जामा मस्जिद के आसपास भारी फोर्स तैनात - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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संभल में महंत ऋषिराज गिरि की पदयात्रा के एलान के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कैलादेवी मंदिर में जुटी भीड़ को रोकने के लिए लगाए गए बैरियर को महंत ने लोगों के साथ मिलकर हटा दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं और साधु-संतों की संख्या मंदिर परिसर में बढ़ने लगी। जिले में धारा 163 लागू होने के कारण एसपी ने जुलूस की अनुमति से इनकार किया है।

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जामा मस्जिद और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ की भारी तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों व खुफिया इकाई की निगरानी बढ़ा दी गई है। 19 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा दायर होने के एक वर्ष पूरे होने पर यह पदयात्रा प्रस्तावित है, जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है।

संभल में पदयात्रा के लिए जुटे लोग और निगरानी करती पुलिस - फोटो : संवाद
उधर, जामा मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा मजबूत कर दी गई है। साथ ही पुलिस, पीएसी और आरआरएफ को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। इससे पहले मंगलवार को सीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में फोर्स ने शहर में पैदल मार्च कर हालात का जायजा लिया। स्थानीय खुफिया इकाई को भी सक्रिय कर दिया गया है।

संभल में पदयात्रा के लिए जुटे लोग और निगरानी करती पुलिस - फोटो : संवाद
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने स्पष्ट किया है कि जिले में धारा 163 लागू है और किसी भी प्रकार के जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। महंत ऋषिराज गिरि पहले ही कह चुके हैं कि पदयात्रा का उद्देश्य अधिक से अधिक सनातनियों को जोड़ना और हरिहर स्थल की परिक्रमा करना है।
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संभल में पदयात्रा के लिए जुटे लोग और निगरानी करती पुलिस - फोटो : संवाद
दरअसल, जामा मस्जिद को श्री हरिहर मंदिर होने का दावा 19 नवंबर 2024 को संभल की अदालत में दायर किया गया था। इस दावे को एक वर्ष पूरे होने पर ही यह पदयात्रा निकालने का आह्वान किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

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