यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल कल यानि 26 मई को समाप्त हो जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर पर तीन तरह के विकल्पों पर विचार चल रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मंगलवार की शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा। सोमवार को शासन से ग्राम पंचायतों की व्यवस्था के मामले में कोई आदेश जारी हो सकता है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर पर तीन तरह के विकल्पों पर विचार चल रहा है। सबकी निगाहें उधर ही हैं कि इनमें से किस पर मुहर लगती है या इन तीन विकल्पों से इतर ग्राम पंचायत संचालन की कोई नई व्यवस्था सामने आती है।
इन तीन विकल्पों में पहला है कि मौजूदा प्रधानों की अध्यक्षता वाली तीन या छह सदस्यीय समिति को संचालन के अधिकार दिए जाएं। दूसरे विकल्प में एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाने, जबकि तीसरे में पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और प्रधान को शामिल करते हुए समिति बनाने जैसे प्रस्ताव हैं। माना जा रहा है कि मंगलवार प्रधानी के कार्यकाल का अंतिम दिन होने के कारण शासन से सोमवार को ग्राम पंचायतों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति साफ होने की पूरी उम्मीद है।
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इस बीच मुरादाबाद जिले की सभी 643 ग्राम पंचायतों में अभी 15वें वित्त आयोग एवं पांचवें वित्त आयोग के बाकी करीब आठ करोड़ रुपये से काम कराने को लेकर तेजी है। हर स्तर पर कामों को जल्द से जल्द पूरा करके विकास कार्यों का ग्राफ बढ़ाने में दिलचस्पी ली जा रही है। प्रधानों की ओर से अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग भी तेजी से उठी थी। पांच दिन
पहले तक अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने भी लखनऊ में धरना देकर प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने या प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को पंचायत संचालन का अधिकार देने की मांग उठाई थी।
राजस्थान मॉडल भी अपनाया जा सकता है
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन के पास तीन प्रस्ताव हैं। अंतिम निर्णय शासन को लेना है। यदि सरकार राजस्थान मॉडल को अपनाते हुए मौजूदा प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को पंचायतों के संचालन का अधिकार देती है तो भी संभवतः वित्तीय अधिकार अफसरों के हाथों में रहेंगे। एक व्यवस्था पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और ग्राम प्रधान की तीन सदस्यीय समिति की भी अपनाई जा सकती है।
27 से लागू होगी नई व्यवस्था
त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत चुनाव के लिए मतदान अप्रैल माह में चार चरणों में कराया गया था, दो मई को परिणाम घोषित किया गया था। इसके बाद 25-26 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई थी।
मुरादाबाद की 643, अमरोहा की 576, संभल की 670, रामपुर की 680 और बिजनौर की 1123 सहित कुल 3692 ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 26 मई को हुई थी, इसलिए इनका कार्यकाल भी 26 मई को ही खत्म हो जाएगा। 27 मई से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। मुरादाबाद जिले में 643 प्रधानों में 335 महिला ग्राम प्रधान हैं।