गंगा स्नान के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारें और अन्य वाहन लगातार घाटों की ओर बढ़ते रहे। तिगरी और ब्रजघाट मार्ग पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखाई दिया।
जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई जबकि ब्रजघाट गंगा पुल पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही ताकि कहीं भी जाम की स्थिति पैदा न हो। तिगरी निवासी पंडित गंगाशरण शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ दशहरा पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से गंगा मैया का आशीर्वाद बना रहता है और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते सोमवार को ब्रजघाट और तिगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व को देखते हुए अमरोहा प्रशासन ने पहले से ही व्यापक यातायात और सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी थी। रविवार शाम आठ बजे से जिले में विशेष रूट डायवर्जन प्लान प्रभावी कर दिया गया।
ट्रक, कंटेनर, डीसीएम, निजी बसों और अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया ताकि नेशनल हाईवे और घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके।
एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि ब्रजघाट, तिगरी धाम, धनौरा के सीपिया घाट, हसनपुर के पूठ घाट, पौरारा, सिरसा और जल्लोपुर घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा प्लान तैयार किया गया था।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए घाटों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक संचालन के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं।
डायवर्जन व्यवस्था के तहत भारी वाहनों को हाईवे से हटाकर वैकल्पिक मार्गों पर भेजा गया, जबकि कार, पिकअप, रोडवेज बस, दूध, फल, सब्जी, दवा और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को आवागमन की अनुमति दी गई। प्रशासन ने एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह छूट दी।
एएसपी ने कहा कि यदि श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ती है तथा जाम की स्थिति बनती है तो रोडवेज बसों और हल्के वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए जीरो ट्रैफिक व्यवस्था भी लागू की जा सकती है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।