सपा ने हाईकोर्ट में दाखिल की है याचिका
सपा की ओर से इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। हाईकोर्ट ने याचिका को सुनने योग्य माना है लेकिन पिछले सप्ताह सुनवाई नहीं हो पाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा। दाखिल याचिका में सपा ने अपने आवंटन को सही बताया है और कई दलीलें भी रखी गई हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब तक अदालत से रोक नहीं लगती आदेश का पालन कराया जाएगा।
निगम ने 4 दशक पहले आवंटित भवन खाली कराया
मुरादाबाद नगर निगम ने ऑपरेशन रिक्लेम अभियान के तहत शुक्रवार को चक्कर की मिलक स्थित भवन संख्या-छह को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। यह भवन वर्ष 1985 में आवंटित किया गया था। आवंटन की मियाद खत्म होने के बाद भी इस भवन पर कब्जा बना हुआ था।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निगम और प्रवर्तन दल की टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर भवन को खाली कराया और दोबारा से संपत्ति पर अपना नियंत्रण स्थापित किया। नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भवन संख्या-6 निगम के शासकीय आवासों में से एक है।
इसे 1985 में दीपक मेहरा को आवंटित किया गया था। आवंटन की अवधि पूरी होने के बाद भी भवन खाली नहीं किया गया। कब्जाधारी ने इसे निजी उपयोग में लेना जारी रखा। नगर निगम ने कई बार नोटिस देकर कब्जा खाली करने को कहा लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया।
प्रक्रिया पूरी कर प्रवर्तन दल की टीम ने भवन खाली कराया
सभी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को निगम और प्रवर्तन दल की टीम ने भवन को खाली कराया। इस दौरान भवन का आकलन भी कराया गया जिसमें इसका क्षेत्रफल लगभग 250 वर्ग मीटर निकला। अधिकारियों ने भवन की कीमत वर्तमान बाजार दरों के हिसाब से लगभग 1.10 करोड़ रुपये आंकी है। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, प्रवर्तन दल प्रभारी अविनाश कुमार गौतम आदि मौजूद रहे।