शाहबुद्दीन को 10, शनाउल को मिलता था 5 प्रतिशत कमीशन
साइबर ठगों को पकड़ने वाली टीम में शामिल रहे प्रशांत सिंह ने जय सिंह के खाते से जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। उन खातों की डिटेल निकलवाई गई थी। खाताधारकों से पूछताछ करने पर पता चला कि उन्हें शाहबुद्दीन और शनाउल ने ही खाता खुलवाने के लिए उनके आधार कार्ड लिए थे।
शाहबुद्दीन ने बताया कि रियाज उसके गांव के पास रहने वाला है और उसका साढ़ू है। शादी कार्यक्रम में रियाज आया था। तब रियाज ने कुछ बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए कहा था। आरोपी ने कहा था कि इन खातों में जिनकी रकम आएगी। उसका 15 फीसदी काटकर मुझे ट्रांसफर करने होंगे।
शाहबुद्दीन करनाल में फर्नीचर कंपनी में मजदूरों का ठेकेदार है। उसके पास करीब 40 मजदूर हैं। आरोपी ने मजदूरों को रुपये दिलाने का लालच देकर उनके दस्तावेज लेकर बैंक खाते खुलवा लिए थे। इसके बाद डेबिट कार्ड निकाल लेते थे। अपना हिस्सा काटकर रियाज को भेज देते थे। कुछ रकम मजदूरों में भी बांट देते थे।
30 खातों में 50 लाख से अधिक की कर चुके हैं ठगी
शाहबुद्दीन व शनाउल ने पुलिस को बताया है कि रियाज ने गूगल पे पर अपने नंबर अपलोड कर दिए हैं। उसके पास कोई कॉल काता था तो उसे अपने झांसे में फंसाकर उनके खातों की डिटेल लेकर रकम ट्रांसफर कर देता है। शाहबुद्दीन 10 फीसदी और शनाउल 5 फीसदी कमीशन लेकर शेष कुल 85 प्रतिशत धनराशि रियाज को लौटाते थे। अब तक वह 30 खातों में 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं।