संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क के इस्तेमाल का हवाला देते हुए नमाज के लिए भी अनुमति या वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में जगह कम होने के कारण ईद और जुमे की नमाज लोग मजबूरी में बाहर अदा करते हैं।
सावन में कांवड़ यात्रा के बीच संभल के सांसद एवं सपा नेता जियाउर्रहमान बर्क ने अजीबो-गरीब बयान देकर लोगों को चौंका दिया है। उनका कहना है कि यदि कांवड़ यात्रा के लिए सड़कों का उपयोग हो सकता है, तो नमाज के लिए क्यों नहीं। इसके लिए भी सरकार को अनुमति देनी चाहिए या वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए।
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सांसद ने दीपा सराय स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को सड़क पर नमाज पढ़ने में खुशी नहीं होती है। मस्जिदों में पर्याप्त जगह न होने के कारण लोग ईद और जुमे की नमाज मजबूरीवश मस्जिदों के बाहर अदा करते हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के साथ खिलवाड़ कर रही है। बोले, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों को समान धार्मिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, यदि सरकार को सड़क पर नमाज से आपत्ति है।
तो उसे नमाज अदा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मौलाना साजिद रशीदी ने जो टिप्पणी की है, वह उनके व्यक्तिगत विचार हैं।