नए प्रस्ताव में बढ़ी दूरी
अब तक भेजे गए प्रस्ताव में एलिवेटेड रोड का निर्माण फव्वारा चौराहे से लेकर मिगलानी सिनेमा तक कराया जाना ही प्रस्तावित था। लेकिन सेतु निगम की ओर से तैयार की गई नई डिजाइन में यह एलिवेटेड रोड डबल फाटक से शुरू होकर स्टेशन रोड, फव्वारा चौराहे और पीली कोठी चौराहे से होता हुआ कांठ रोड तक बनाने की योजना तैयार की गई है।
डिजाइन के अनुसार मार्ग पर डिवाइडर के बीच में पिलर के ऊपर एलिवेटेड रोड दो लेन में बनेगा। नीचे सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई जाएगी। जिससे शहर के बाहर निकलने वाले वाहन ऊपर एलिवेटेड रोड से गुजर सकेंगे, जबकि स्थानीय ट्रैफिक के लिए सर्विस रोड उपयोग में लाई जाएगी।
डबल फाटक से जिन वाहनों को दिल्ली रोड पर जाना होगा उन्हें लोको शेड पुल पर उतरने की सुविधा दी जाएगी। जबकि जिन्हें कांठ रोड के लिए जाना होगा वह वहां तक एलिवेटेड रोड से ही पहुंच सकेंगे।
दिन भर बनी रहती है जाम की समस्या
दिल्ली, कांठ रोड और हरिद्वार की ओर जाने के लिए लाखों की आबादी के पास स्टेशन रोड का ही विकल्प है। बढ़ती आबादी के कारण इस रोड पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। इसकी वजह से स्टेशन रोड पर पूरे दिन जाम की समस्या बनी रहती है।
वर्ष 2009 से ही इस एलिवेटेड रोड को बनाए जाने की योजना पर काम चल रहा है। रोड पर दो बस अड्डा और रेलवे स्टेशन होने के अलावा पुराने शहर के बाजार भी लगे हुए हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में यहां वाहनों का आवागमन होता है, जिससे जाम की समस्या आम हो गई है।
500 करोड़ से अधिक होगा बजट
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने 2018 में एलिवेटेड रोड बनाए जाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। उस समय करीब ढाई किलोमीटर की एलिवेटेड रोड की लागत 142 करोड़ रुपये आंकी गई थी। अब इस एलिवेटेड रोड की दूरी बढ़ने की वजह से इस पर तकरीबन 500 से 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
स्टेशन रोड पर एलिवेटेड रोड बनना बेहद जरूरी है। इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा हूं। नई डिजाइन शासन को भेज दी गई है। मुख्यमंत्री को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। संभावना है कि इस माह के आखिर तक इस प्रस्ताव पर शासन की मुहर भी लग जाएगी। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। - रितेश कुमार गुप्ता, नगर विधायक