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UP: टैरिफ और कच्चे माल का झटका, मुरादाबाद का निर्यात कारोबार 30 प्रतिशत गिरा, डेढ़ लाख लोगों ने काम छोड़ा

Sat, 03 Jan 2026 01:06 PM IST
विमल शर्मा अमित कुमार, अमर उजाला मुरादाबाद

सार

अमेरिकी टैरिफ और कच्चे माल की महंगाई के चलते मुरादाबाद का हस्तशिल्प निर्यात 2025 में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले का निर्यात करीब तीन हजार करोड़ रुपये घट गया और 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  
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निर्यात पर मंदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी टैरिफ, कच्चे माल की महंगाई से मिले झटके ने मुरादाबाद के निर्यात कारोबार को हिला दिया है। गुजरे साल (2025) में जिले के हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात तीन हजार करोड़ रुपये कम हुआ है। निर्यात में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जिला उद्योग केंद्र के रिकॉर्ड के अनुसार मुरादाबाद से हर साल 10437 करोड़ रुपये के निर्यात का औसत है।

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सालभर में यह घटकर साढ़े छह से सात हजार करोड़ रुपये पर आ गया। अमेरिका की नई टैरिफ दरों के बाद निर्यात का आंकड़ा तेजी से घटा है। एमएचईए के प्रेसीडेंट नावेद उर्रहमान का कहना है कि अमेरिका के भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ से वहां के खरीदारों ने पहले से दिए आर्डर होल्ड कर दिए। नए आर्डर मिलने बंद हो गए।

मुरादाबादी हस्तशिल्प निर्यात का 60 प्रतिशत कारोबार अमेरिका में ही है। लिहाजा अमेरिकी निर्यात का 30 प्रतिशत काम कम हो गया। निर्यातकों का कहना है कि इसी माह (जनवरी) के मध्य में अमेरिका में फेयर लगेगा। इसमें खरीदारों के रुख से भविष्य के आर्डर की स्थिति स्पष्ट होगी। अगर टैरिफ और कच्चे माल की स्थिति इसी तरह रही तो आने वाले दिनों में भी बेहतर नतीजे की उम्मीद नहीं लगा सकते।

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पांच साल में डेढ़ लाख लोगों ने काम छोड़ा 
पीतल बस्ती दस्तकार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी साजिद मंसूरी ने बताया कि पिछले पांच साल में करीब डेढ़ लाख लोग हस्तशिल्प के काम से दूर हो गए हैं। एक साल में निर्यात से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों से 60 हजार लोगों की नौकरी चली गई। निर्यातकों ने करीब पांच हजार कामगारों को भी मना कर दिया है। कुछ को अब रोज के काम के हिसाब से कामगारों को रखा जा रहा है। प्रतिदिन काम के हिसाब से भुगतान किया जाता है।

इन देशों में होता है निर्यात
मुरादाबाद से हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, दुबई समेत करीब 20 देशों में किया जाता है। इसमें अकेले अमेरिका करीब 60 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात होता है।

जिला उद्योग केंद्र के आंकड़े 
  • जिले के नौ हजार लोगों  का निर्यात-आयात के लिए पंजीकरण
  • करीब दो हजार लोगों का सिर्फ निर्यात के लिए पंजीकरण
  • हर साल करीब 1200 लोग करते हैं निर्यात।
  • करीब 800 लोग कभी-कभी कर पाते हैं निर्यात

अमेरिका के अलावा दूसरे देशों में तलाश कर रहे खरीदार
मुरादाबाद के निर्यात में 30 प्रतिशत की कमी हुई है। युद्ध या अन्य कारणों से कई देश प्रभावित हैं, अमेरिकी टैरिफ बड़ी चुनौती है। ऊपर से कच्चे माल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में हस्तशिल्प उत्पाद और महंगा हो जाएगा। इससे निर्यात और घटने का डर है। -नावेद उर्रहमान,  प्रेसीडेंट, एमएचईए

 मुरादाबाद से हस्तशिल्प उत्पाद का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका जाता है। बड़े से लेकर छोटे निर्यातक अमेरिकी खरीदारों से जुड़े हुए हैं। अमेरिका में छोटी सी हलचल होती है तो इसका बड़ा असर मुरादाबाद के काम पर पड़ता है। अमेरिकी टैरिफ दरों ने स्थिति ज्यादा बदल दी है। - सुरेश कुमार गुप्ता, चेयरमैन, आईआईए हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी
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लगातार बढ़ती कच्चा माल की कीमतों की वजह से हस्तशिल्प उत्पाद महंगा हो गया है। वर्ष 2025 में बड़े आर्डर नहीं मिलें, जो भी मिले वह या तो कैंसिल हो गए या फिर होल्ड हो गए। इसकी वजह से कारोबार कम हुआ है। -सतपाल, सचिव, द हैंडीक्रॉफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

निर्यातक अमेरिका के अलावा दूसरे देशों में हस्तशिल्प के खरीदारों की तलाश कर रहे हैं। हालांकि अभी दूसरे देशों में कोई खास बायर नहीं मिले हैं। यदि कच्चे माल की कीमत स्थिर नहीं हुई तो वर्ष 2026 में निर्यात और घटने की संभावना है। - दीपक चौधरी, निर्यातक

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