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Moradabad: खुर्जा में आमने-सामने आ गईं थीं ट्रेनें.... तीन दिन बाद हटाए गए डीआरएम, दो स्टेशन मास्टर निलंबित

Sat, 03 Jan 2026 11:39 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम संग्रह मौर्य को पद से हटाकर राजकुमार सिंह को प्रभारी डीआरएम बनाया गया है। यह बदलाव 29 दिसंबर को खुर्जा स्टेशन पर एक ही लाइन पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आ जाने की गंभीर घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
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मुरादाबाद रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संग्रह मौर्य को डीआरएम मुरादाबाद के पद से हटा दिया गया है। शुक्रवार को तबादला आदेश के साथ ही यहां पहुंचे राजकुमार सिंह को मुरादाबाद रेल मंडल का प्रभारी डीआरएम बनाया गया है। सिंह इससे पूर्व मुरादाबाद डीआरएम की कुर्सी संभाल चुके हैं।

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इस आशय के आदेश में बदलाव का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन एकाएक हुआ यह परिवर्तन 29 दिसंबर को खुर्जा में एक लाइन पर दो ट्रेनें आ जाने का नतीजा माना जा रहा है। घटना के समय उत्तर रेलवे के जीएम अशोक वर्मा मुरादाबाद रेल मंडल के दौरे पर थे।  

खुर्जा स्टेशन पर 29 दिसंबर को हापुड़ की ओर से आने वाली एक्सप्रेस और मेरठ की ओर से आ रही ट्रेन आमने-सामने आ गई थीं। दोनों ड्राइवरों के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से दो गाड़ियों की भिड़ंत बच गई थी। उस वक्त मुरादाबाद मंडल में मुआयने पर आए जीएम अशोक वर्मा भी अफसरों के साथ तत्काल स्थानीय कंट्रोल रूम पहुंच गए थे।
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उनकी मौजूदगी में मामले की रिपोर्ट उत्तर रेल मुख्यालय भेज दी गई थी। सूत्र बताते हैं कि उस वक्त माना गया था कि खुर्जा स्टेशन पर मेरठ की ओर से आ रही एक्सप्रेस ट्रेन को निकाले जाने के बाद हापुड़ से आ रही ट्रेन को चलाने की योजना थी।

स्टेशन मास्टर को मेरठ से आने वाली ट्रेन निकल जाने का भ्रम होने से हापुड़ की ओर वाली ट्रेन को क्लियर सिग्नल दे दिया गया। ड्राइवरों के चौकस रहने से भीषण हादसा बच गया था। अब अचानक डीआरएम के पद पर बदलाव को खुर्जा प्रकरण का परिणाम माना जा रहा है, हालांकि कोई आला अफसर इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।

...कुछ कह नहीं सकता: जीएम
रेल मंत्रालय व रेलवे बोर्ड के इस निर्णय के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। खुर्जा में घटना हुई थी लेकिन आदेश ऊपर से ही हुए हैं। डीआरएम के बदलाव का क्या कारण रहा, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी मेरे पास नहीं है। - अशोक कुमार वर्मा, जीएम, उत्तर रेलवे

दो स्टेशन मास्टर निलंबित, कई रडार पर
डीआरएम पद से संग्रह मौर्य को हटाए जाने के बाद कुछ मंडलीय रेल अधिकारियों पर भी गाज गिरने के आसार हैं। सिग्नल या ऑपरेटिंग विभाग में से किसी एक पर घटना की जवाबदेही तय हो सकती है। हालांकि मामले की उच्चस्तरीय जांच जोनल मुख्यालय की टीम कर रही है।

खुर्जा के दो स्टेशन मास्टरों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। 29 दिसंबर की रात जब जीएम अशोक वर्मा मुरादाबाद में मौजूद थे। उसी समय खुर्जा में एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने होने का कंट्रोल रूम पर मैसेज आया था। जीएम फौरन कंट्रोल रूम पहुंचे।

पता चला कि दो ट्रेनें एक ही लाइन पर आमने-सामने थीं। ड्राइवर ब्रेक न लगाते तो बड़ा हादसा हो जाता। डीआरएम संग्रह मौर्य को मौके पर रवाना किया गया। साथ ही दो स्टेशन मास्टरों व टीआई को निलंबित कर दिया गया था।

यदि खुर्जा की घटना के कारण ही डीआरएम को हटाया गया है तो यह न्यायसंगत नहीं है। इससे आने वाले अधिकारी भी दबाव में कार्य करेंगे। कर्मचारियों से जुड़े मामले भी प्रभावित होंगे। - राजेश चौबे, मंडल मंत्री, नरमू 

संग्रह मौर्य ने तीन माह कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान कराया। यदि वास्तव में खुर्जा की घटना इस कार्रवाई का कारण है तो यह तर्कसंगत नहीं है।  -धर्मवीर सिंह, मंडल मंत्री, उरमू
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तीन माह में ही हटे डीआरएम...पीछे कुछ तो है
बदलाव की जद में आए दोनों अफसरों की इसे लेकर चुप्पी है लेकिन पीछे कुछ गहरा है, यह हर कोई मान रहा है। मुरादाबाद रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका है जब महज तीन माह में डीआरएम को हटा दिया गया। अधिकारियों, ट्रेड यूनियनों और रेलवे स्टाफ में चर्चा है कि खुर्जा में 29 दिसंबर को दो ट्रेनों की भिड़ंत की नौबत ही इस तबादले का कारण है।
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