95 फर्मों का निरस्त हो चुका जीएसटी रजिस्ट्रेशन
प्रदेश के प्रमुख सचिव लकड़ी की फर्मों के जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने मंडल के पांच जिलों में लकड़ी की 128 बोगस फर्मों को चिह्नित किया है। जांच में आया है कि इन फर्मों ने 1300 करोड़ का टर्नओवर किया है।
बोगस फर्मों से करीब 200 करोड़ रुपये जीएसटी चोरी की आशंका है। पहले राज्य कर विभाग की रिपोर्ट पर सीजीएसटी ने 53 फर्मों का पंजीयन निरस्त किया था। इसके बाद 42 और बोगस फर्मों का पंजीयन सीजीएसटी के अधिकारियों ने निरस्त कर दिया है।
मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा और रामपुर से शुरू हुई लकड़ी की बोगस फर्मों की जांच की आंच अमरोहा, संभल और बिजनौर तक पहुंच गई है। जांच में आया है कि सरकार से पैसा हड़पने के लिए चतुर कारोबारियों ने नई नई तरकीबें अपनाई हैं। इसी कारण काफी संख्या में कारोबारियों के रिफंड भी रोके गए हैं।
बोगस फर्मों से जुड़े लोगों की सूची शासन को भेजी
राज्य कर विभाग ने बोगस फर्माें से जुड़े 12 लोगों की सूची तैयार की है। इस मामले में गोपनीय सूची पुलिस को सौंपी जाएगी, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। राज्य कर विभाग ने इस मामले में कोतवाली में एक केस दर्ज कराया है।
राज्य कर के अधिकारियों की जांच में आया है कि लकड़ी की एक फर्म ने कोतवाली क्षेत्र का पता देकर पांच करोड़ का टर्नओवर किया है। जांच में कोतवाली क्षेत्र का पता फर्जी निकला है। राज्य कर अधिकारी मंडल में बोगस फर्मों के माध्यम से जीएसटी चोरी में लगे लोगों की तलाश तेज कर दी है।
राज्य कर विभाग की जांच में 12 संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं, जो बोगस फर्मों के पंजीयन कराकर जीएसटी चोरी कर रहे थे। सूची को राज्य कर पुलिस से शेयर करेगा। पुलिस जांच कर इसी आधार पर कार्रवाई करेगी।