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UP: लो कर लो बात... अब मुरादाबाद के मंडलीय अफसर भी नहीं उठा रहे फोन, कैसे होगा जनता की समस्याओं का समाधान

Sat, 17 Jan 2026 08:05 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद मंडल के अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। लगातार फरियादी काॅल कर रहे हैं बावजूद उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। अमर उजाला की रियलटी चेक में यह बात सामने आई है।
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मुरादाबाद के अफसर नहीं उठा रहे फोन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद में जिला स्तरीय अफसरों की फोन न उठाने की शिकायतें तो गूंज ही रहीं थीं अब मंडलीय अफसर भी फोन नहीं उठा रहे हैं। अमर उजाला द्वारा 11 से 12 बजे तक किए गए रियलिटी चेक में यही स्थिति सामने आई। दो अफसरों के फोन बंद भी मिले।

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इन अधिकारियों का नंबर मिला बंद
आरटीओ प्रशासन : सुबह 11:08 बजे
डीडी पंचायत : सुबह 11:13

इनका नहीं उठा फोन
आरटीओ प्रवर्तन :        सुबह 11:09 बजे
अपर आयुक्त प्रथम :    सुबह 11:13 बजे
अपर आयुक्त द्वितीय :   सुबह 11:35 बजे
डीडी एग्रीकल्चर :        सुबह 11:41 बजे

प्रभारी मंत्री ने कहा था...कार्रवाई की जाएगी
सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री अनिल कुमार की समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा था कि अगर आगे से शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। शासन के सख्त निर्देश हैं कि अफसर हर हाल में फोन उठाएं। अगर कहीं व्यस्त हैं तो बाद में फोन करें।

विधान परिषद समिति की बैठक में भी उठा था मुद्दा 
सात जनवरी को सर्किट हाउस में हुई विधान परिषद समिति की समीक्षा बैठक में भी अधिकारियों के फोन नहीं उठाने का मुद्दा उठा था। इसके बाद समिति के सभापति कुंवर महाराज सिंह ने सुबह 10 से 12 बजे के बीच अधिकारियों को फोन जरूर उठाने के निर्देश दिए थे।

दिशा की बैठक में अधिकारियों के फोन नहीं उठाने का मुद्दा रखा था। सीएम चाहते हैं कि जनता से संवाद हो। मुद्दे को लोकसभा में उठाऊंगी। विधायकों को चाहिए कि वह इसे मुद्दे को सदन में उठाएं। -रुचिवीरा, सपा सांसद

सभी अधिकारियों को जनता का फोन उठाना चाहिए। लोक सेवक की जिम्मेदारी है कि वे फोन उठाएं और समस्याओं का निराकरण करें। - मोहिबुल्लाह नदवी, सांसद, रामपुर
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काॅल बैक भी नहीं की 
अधिकारियों के फोन न उठाने और समय से कार्यालय नहीं पहुंचने की कोई जरूरी वजह भी हो सकती है। हो सकता है कि कहीं कोई मीटिंग में व्यस्त हो या कोई दूसरी दिक्कत रही हो। लेकिन फोन के मामले में कम से कम कॉल बैक तो की ही जा सकती थी। 12 जनवरी को सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने भी कहा था कि अगर अफसर कहीं व्यस्त हैं तो बाद में बैक कॉल जरूर करें।
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