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UP: रिश्तेदार बनकर शिक्षिका को किया फोन, एआई से आवाज बदलकर की बात, साइबर अपराधियों ने उड़ा लिए एक लाख

Thu, 14 Dec 2023 11:00 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सिविल लाइंस निवासी हरदोई कलक्ट्रेट में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी शिक्षिका हैं। बताया कि पांच अगस्त की रात पत्नी के मोबाइल पर एक कॉल आई। दूसरी तरफ से रिश्तेदार बनकर बात की गई। इसके बाद एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

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साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज। (फोटो: प्रतीकात्मक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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साइबर अपराधी ने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए आवाज बदलकर शिक्षिका को फोन किया। आरोपी ने खुद को शिक्षिका का रिश्तेदार बताकर एक लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। शिक्षिका को आरोपी की आवाज हूबहू रिश्तेदार की लगी। जिस कारण उन्होंने आरोपी के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।

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पीड़िता ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सिविल लाइंस के रामगंगा विहार निवासी दिनेश कुमार हरदोई कलक्ट्रेट में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी शारदा वर्मा शिक्षिका हैं। दिनेश कुमार ने बताया कि पांच अगस्त की रात करीब दस बजे उनकी पत्नी शारदा शर्मा के मोबाइल से एक अंजान नंबर से कॉल आई।

कॉल करने वाले ने खुद को बहनोई का बहनोई बताया। जिसकी आवाज भी उनकी तरह की लग रही थी। आरोपी ने कोई परेशानी होने की जानकारी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने कहा कि वह दो दिन में पूरी रकम वापस कर देगा।
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अभी वह किस परेशानी में ये नहीं बता सकता है। रकम देने के बाद महिला ने अपने रिश्तेदार को कॉल कर जानकारी ली तो पता चला कि उन्होंने कोई कॉल नहीं की है। तब महिला को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गईं हैं।

सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार आरोपी ठग के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

साइबर सेल ने खाते में फ्रिज कराई रकम

पीड़िता ने साइबर ठगी की जानकारी होने के अगले ही दिन पुलिस लाइन पहुंचकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा दी थी। तब तक आरोपी केवल पांच हजार रुपये ही निकाल पाया था। साइबर सेल ने बैंक खाते की डिटेल निकलवाई, जिससे पता चला कि रकम हरियाणा के पलवल स्थित एचडीएफसी की शाखा के खाते में ट्रांसफर की गई है। इसके बाद साइबर सेल के प्रभारी और उनकी टीम ने बैंक और एजेंसियों से संपर्क कर रकम खाते में ही फ्रिज करा दी है।

रकम वापस कराने के लिए कोर्ट में दाखिल की अर्जी

खातों में फ्रिज की रकम को वापस कराने की एक प्रक्रिया होती है। 547 सीआरपीसी के तहत अदालत के आदेश पर बैंक द्वारा खाताधारक के खाते में रकम वापस कराई जाती है। इसी के तहत पीड़िता की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। कोर्ट संबंधित थाने की पुलिस से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी की। इसके बाद बैंक को आदेश दिया जाएगा कि पीड़िता को उसके खाते में रकम वापस की जाएगी।

इस तरह साइबर अपराधी बदल रहे आवाज
वॉयस क्लोनिंग आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए किसी की भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ तीन से पांच सेकेंड का वीडियो चाहिए। साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सर्च कर किसी भी आवाज का सैंपल ले लेते हैं। इसके बाद वाॅयस क्लोन कर उनके परिचित, रिश्तेदारों को फोन करते हैं। आवाज की क्लोनिंग ऐसी होती है कि पति-पत्नी, पिता पुत्र और सगे संबंधी तक आवाज नहीं पहचान पाते हैं।

ठगी से बचाव के लिए करें ये उपाय

  • अलग-अलग अकाउंट का अलग-अलग पासवर्ड रखें, एक-जैसे पासवर्ड बनाने से बचें।
  • दोस्त या रिश्तेदार की आवाज में पैसे के लिए फोन आए तो एक बार खुद फोन करके कंफर्म कर लें ।
  • सोशल मीडिया एकाउंट को सार्वजनिक की बजाए प्राइवेट सेटिंग में रखें
  • साइबर ठगी के शिकार होने पर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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