जिला अस्पताल में बनेगा नशा मुक्ति केंद्र, नियुक्त होंगे डॉक्टर-काउंसलर
मुरादाबाद जिला अस्पताल में नशा मुक्ति के लिए ओपीडी के बाद अब आईपीडी शुरू करने की तैयारी है। 10 बेड के नशा मुक्ति केंद्र के लिए मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। पुरानी पैथोलॉजी लैब की खाली जगह पर इसे चलाया जाएगा। नशा छोड़ने की चाहत रखने वाले रोगियों को फर्जी केंद्रों के थर्ड डिग्री टॉर्चर से छुटकारा मिलेगा।
जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों व काउंसलरों की देखरेख में उन्हें उपचार मिलेगा। चार माह पहले शहर के एक नशा मुक्ति केंद्र में युवक ने तेजाब पी लिया था। कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। जिला अस्पताल में व्यवस्थित उपचार मिलने से ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
अस्पताल में छह माह से नशा मुक्ति की ओपीडी एडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में चल रही है। ओपीडी में हर दिन 20 मरीज पहुंच रहे हैं। नशा मुक्ति केंद्र बनाने की कवायद भी कई साल से चल रही थी लेकिन जगह न होने के कारण शुरुआत नहीं हो पाई।
अब पैथोलॉजी लैब नए भवन में शिफ्ट होने के कारण जगह बन गई है। जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि जल्द ही नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए काम शुरू होगा। एनएचएम की ओर से एक डॉक्टर व काउंसर की नियुक्ति की जाएगी। सपोर्टिंग स्टाफ 24 घंटे तैनात रहेंगे।