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UP: रेलवे स्टेशनों के पास लगेंगे एआई सेंसर कैमरे, ट्रेनों के हर जोड़ का होगा एक्सरे, सुरक्षित होगा संचालन

Sun, 05 Apr 2026 10:34 AM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

Railway News: रेलवे ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एआई सेंसर वाले हाईटेक कैमरे लगाने जा रहा है। जो स्टेशन पर प्रवेश और निकलते समय बोगियों के हर जोड़ की जांच करेंगे। किसी भी खराबी या खतरे की स्थिति में तुरंत इंजीनियरिंग टीम को सूचना भेजी जाएगी। इससे मानवीय चूक कम होने के साथ दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।
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मुरादाबाद रेलवे स्टेशन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसी भी ट्रेन के रेलवे स्टेशन पर प्रवेश करते समय और स्टेशन छोड़ते समय उसकी बोगियों के प्रत्येक जोड़ की जांच होगी। इसके लिए स्टेशनों के नजदीक रोलिंग हट पर एआई सेंसर वाले कैमरे लगाए जाएंगे। उच्च क्षमता वाले यह कैमरे ट्रेन के इंजन और बोगियों के हर एक जोड़ का एक्सरे करेंगे।

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यदि कोई जोड़ ऐसा है जिसके खुलने की आशंका है या कोई पार्ट कमजोर है तो तत्काल इंजीनियरिंग टीम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। रेलवे का मानना है कि एआई आधारित इस तकनीक से सुरक्षित संचालन हो सकेगा और दुर्घटनाएं नहीं होंगी। सेंसर की रिपोर्ट को अधिकारियों तक भेजने के लिए रोलिंग हट में एक कंप्यूटर सिस्टम लगाया जाएगा, जिस पर रेलकर्मी की तैनाती रहेगी।

पुरानी व्यवस्था के अनुसार अब तक ट्रेन के सभी जोड़ों की जांच मैनुअल की जाती है। एक रेलकर्मी रोलिंग हट पर खड़ा रहता है। वह ट्रेन के गुजरते समय झुककर देखता रहता है कि कहीं किसी जोड़ में कोई खामी तो नहीं है। इस व्यवस्था में मानवीय चूक की संभावना बहुत अधिक रहती है।
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रात के समय चलती ट्रेन के सभी जोड़ टॉर्च की रोशनी में चेक करना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में रेलवे यह कैमरे लगा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों के तेज गति में होने पर भी एआई सेंसर सटीक रिपोर्ट देगा। इस मॉडल का उदाहरण हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुई इंडिया एआई समिट में भी प्रस्तुत किया गया था।

इस साल 15 रेलवे स्टेशनों पर होगी एआई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग
ट्रेनों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए स्टेशन मास्टर को प्वाइंट्स बनाने पड़ते हैं। कई बार पटरियों को लिंक करने या बंद करने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। जरा सा ध्यान हटते ही चूक की संभावना रहती है। अब इस परेशानी को दूर करने के लिए भी रेलवे एआई की मदद ले रहा है।

इस साल 15 रेलवे स्टेशनों के आसपास के फाटकों और पटरियों को एआई आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद कंप्यूटर सिस्टम पर बैठकर स्टेशन मास्टर ट्रेन के लिए पटरियों पर प्वाइंट्स बना सकेंगे। रेलवे के मुताबिक मंडल के 50 रेलवे स्टेशनों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके लिए 670 करोड़ रुपये मिले हैं।

गाजियाबाद-रोजा रेलखंड पर 2027 में लगेगा कवच, 160 होगी ट्रेनों की रफ्तार
मुरादाबाद-बरेली होते हुए गाजियाबाद-रोजा रेलखंड वर्ष 2027 में कवच सिस्टम से लेस हो जाएगा। सुरक्षा के साथ ट्रेनों को रफ्तार मिल सके, इस पर भी रेलवे काम कर रहा है। गाजियाबाद से हापुड़ तक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम पूरा हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 132 किमी रेलवे ट्रैक बदला गया है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सारी कवायद ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ाने के लिए की जा रही है। वर्तमान में मंडल में ट्रेनों की अधिकतम गति 120 से 130 किमी प्रति घंटा है। ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए मंडल के 14 इंटरचेंज प्वाइंट भी तकनीक से लेस किए गए हैं।

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रेलवे स्टेशनों की रोलिंग हट के पास एआई एनेबल्ड सीसीटीवी लगाए जाएंगे, जिनसे रोलिंग स्टॉक की जांच हो सकेगी। इससे सुरक्षित और संरक्षित रेल संचालन में मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्रैक पर बहुत से कार्य किए जाएंगे, जिनसे ट्रेनों की गति बढ़ेगी। - विनीता श्रीवास्तव, डीआरएम मुरादाबाद
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