क्षेत्र के गांव मझरा हसनगढ़ी में जहां इरफान रहते हैं, उसी परिसर में छप्परों की पशुशाला भी बनी हुई है। अज्ञात कारणों के चलते लगी आग ने घर के साथ ही पशुशाला के छप्परों को भी अपनी जद में ले लिया। इससे पशुशाला में बंधे पांच पशु भी आग से बुरी तरह झुलस गए। इनमें से एक भैंस और बकरी की मौत हो गई तो वहीं तीन कटिया और एक बकरी की हालत गंभीर है।
इधर, आग से घर में रखी चारपाई, बिस्तर, अनाज, कपड़े, ईंधन, पशुओं का चारा व कुट्टी काटने की मोटर मशीन सहित अन्य घरेलू सामान भी जल गया। गांव मझरा हसनगढ़ी में आग से पोते की मौत और बहू के बुरी तरह से झुलसने की दर्दनाक घटना को बयां करते हुए इरफान के पिता सफीक और मां बब्बो की आंखें भर आईं। वृद्ध सफीक ने कांपते हुए स्वर में कहा कि उनका पोता अफ्फान उनसे बेहद लगाव रखता था तो उन्हें भी उससे बेइंतहा मोहब्बत थी।
जब वह कहीं बाहर से आते थे तो वह दौड़कर उनसे लिपट जाता था। उसके मासूम चेहरे को वह जिंदगी भर भुला नहीं पाएंगे। सफीक बोले कि उनका बेटा इरफान मुफलिसी में जैसे-तैसे मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था लेकिन इस हादसे में वह पूरी तरह से बर्बाद हो गया।
मझरा हसनगढ़ी में आग से दो साल के मासूम अफ्फान की दर्दनाक मौत और उसकी मां कासिफा के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना पर शुक्रवार की शाम क्षेत्रीय विधायक/पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर दुखी परिजनों के बीच पहुंचे और दुखी परिजनों को ढांढस बंधाया।
विधायक ने हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। कहा कि यह घटना बेहद दुखद और गंभीर है। उनके साथ सपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह यादव, पूर्व चेयरमैन आबिद हुसैन, डॉ. दानिश, अंजार चौधरी, मुजीब खान और अमजद अली आदि भी रहे।