सपा के छोटे नेताओं को भी सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को प्रोटोकॉल उपलब्ध कराना भूल गया। सुरक्षा तक मुहैया नहीं कराई गई। मामला जब तूल पकड़ने लगा तो पंचायत भवन में चल रहे कार्यक्रम के दौरान एस्कार्ट पहुंची। भाजपा नेताओं में इस प्रकरण को लेकर जबरदस्त रोष है। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ने ये मुद्दा सदन में उठाने की दे चेतावनी है।
केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर भाजपा विकास पर्व का आयोजन कर रही है। इसमें सभी केंद्रीय मंत्री जगह जगह घूमकर सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री डा. हर्षवर्धन सोमवार को मुरादाबाद पहुंचे थे और आईएमए के प्रोग्राम में उन्होंने शिरकत भी की। जबकि मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के साथ उन्हें अलग अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था।
इसके बावजूद मुरादाबाद का जिला प्रशासन आंखें मूंदे रहा। प्रोटोकाल तो दूर केंद्रीय मंत्री शहर में बिना सुरक्षा के घूमते रहे। मंगलवार को पंचायत भवन में कार्यक्रम के दौरान जब यह मुद्दा उछला तो आननफानन में कार्यक्रम के बीच में ही एस्कार्ट पहुंच गई। डा. हर्षवर्धन सोमवार को मुरादाबाद आए थे। उनके कार्यालय ने पूरा कार्यक्रम जिला प्रशासन को भेज दिया था। जिसके आधार पर सर्किट हाउस में उन्हें रिसीव करने के लिए एसीएम फर्स्ट कमल यादव और एसीएम द्वितीय रामप्रकाश भी पहुंचे।
सोमवार को देर रात उन्होंने आईएमए के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहां भी वे केवल भाजपा नेताओं को आयोजकों के साथ पहुंचे। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई। मंगलवार को उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी आ गए।
इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री महेंद्र सिंह (जिन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है) भी साथ थे। तीनों का पंचायत भवन में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम था। सभी बिना किसी सुरक्षा और प्रोटोकाल के पंचायत भवन पहुंचे। उनके साथ सुरक्षा कर्मी तक नहीं था। कार्यक्रम में ही मुद्दा उठने के थोड़ी देर बाद पुलिस एस्कार्ट पहुंच गया। जो आगे के कार्यक्रम में उनके साथ रहा।
चेतावनी के बाद गरमाया मुद्दा
कार्यक्रम के बीच राष्ट्रीय मंत्री एमएलसी महेंद्र सिंह ने भाषण के दौरान इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि सूचना के बावजूद प्रशासन ने प्रोटोकाल का भी ध्यान नहीं रखा। सपा के छोटे से छोटे नेता के आने पर पूरा अमला आव भगत में जुट जाता है। लेकिन यहां केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के शहर में घूम रहे हैं। डीएम और एसएसपी के खिलाफ शिकायत करूंगा और इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाऊंगा। उनके भाषण के थोड़ी देर बाद ही पुलिस एस्कार्ट वहां पहुंच गया।