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सीएम सामूहिक विवाह योजना: 35 शादीशुदा जोड़ों की फिर करा दी शादी, मुरादाबाद में खूब बजा भ्रष्टाचार का बैंड

Thu, 05 Feb 2026 01:07 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए समारोहों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। जहां 35 पहले से शादीशुदा जोड़ों को शामिल किया गया। सत्यापन में कई दुल्हनों को तय उपहार भी नहीं मिले। विधायक रामवीर सिंह की मांग पर हुई जांच में 808 शादियों की पड़ताल की जा रही है। 
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह (फाइल)
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुए भ्रष्टाचार का परत दर परत खुलासा हो रहा है। सामूहिक विवाह समारोह में 35 शादीशुदा जोड़ों को भी शामिल कर लिया गया। इनमें किसी की शादी छह माह पहले हो चुकी थी तो किसी की तीन महीने पहले। जबकि नौ ऐसे जोड़ों की शादी भी इस समारोह में दिखाई गई है जो मंडप में बैठे ही नहीं।

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जांच टीम द्वारा किए जा रहे सत्यापन में इसका खुलासा हो रहा है। कई दुल्हनों को पायल व बिछुआ तक नहीं दिए गए हैं। इस योजना के तहत मुरादाबाद में चार व पांच दिसंबर को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें भारी भ्रष्टाचार सामने आया था।

कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। जिस पर सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी ने मामले की जांच के आदेश दिए। जिस पर जिला विकास अधिकारी जीबी पाठक ने 30 अधिकारियों की टीम गठित करके बिलारी व कुंदरकी ब्लाक की सामूहिक विवाह योजना के तहत हुईं सभी 808 शादियों का सत्यापन कराया तो कई गड़बड़ियां सामने आई हैं।  
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दो एडीओ को तो पहले ही हटाया जा चुका है, अब उनके साथ साथ कुछ अधिकारी भी घिरते नजर आ रहे हैं। 

सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार: दुल्हनों को नहीं मिली पाजेब और बिछुआ, कई जोड़ों को बिना गद्दों के भेज दिया

ये है जांच रिपोर्ट

बुधवार को जिला विकास अधिकारी ने मामले की जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में 35 ऐसे जोड़े मिले हैं, जो अपात्र हैं, इनमें अधिकतर ऐसे हैं, जिनकी शादियां पहले ही हो चुकी थीं। टारगेट पूरा दिखाने के लिए गोलमाल किया गया है। नौ जोड़े ऐसे मिले, जो समारोह में आए तो थे लेकिन विवाह वेदी पर नहीं बैठे। 34 ऐसे जोड़े मिले, जिनको कोई उपहार नहीं दिया गया।

कुछ को कर्मचारियों ने बाद में उपहार देने की बात कही, जो अब तक नहीं दिया। 50 दुल्हनों को चांदी के आभूषण दिए ही नहीं, न पायल दी और न ही बिछुआ। इसके अलावा 139 ऐसे जोड़े मिले, जिन्हें समारोह में गद्दे नहीं दिए गए, जबकि 37 जोड़े बिना डिनर सेट के ही घरों को लौट गए। इसके अलावा भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं।

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शासन की टीम भी आएगी जांच करने
 समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम भी जिले में पहुंचने वाली है, जिसकी आहट से सामूहिक विवाह समारोह से जुड़े अधिकारियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इसमें पहली बड़ी अनियमितता तो यही है कि दो समारोह में 200 की बजाय 1636 जोड़े बैठा दिए। इसके अलावा जब टीम मौके पर जाकर जांच करेगी तो योजना के धन का दुरुपयोग भी बड़े स्तर पर सामने आने की संभावना है, जिसकी आंच बड़े अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।
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