मुरादाबाद। मंडलायुक्त यशवंत राव ने बुधवार को मंडल में वैक्टर जनित रोगों और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इसमें मंडल में अब तक 323 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई। इनमें सर्वाधिक मरीज मुरादाबाद जिले में हैं। डेंगू मरीजों की संख्या सरकारी रिकार्ड से कहीं अधिक हो सकती है। आयुक्त ने सभी जिलों के सीएमओ से डेंगू और मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें लापरवाही बरतने वाले सीएमओ के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
मंडल के सभी सीएमओ ने अपने जिलों में डेंगू और वायरल बुखार की स्थिति का ब्यौरा रखा। इनमें किसी भी जिले में डेंगू से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई। अधिकारियों ने कहा कि डेंगू एवं बुखार से जिन लोगों की मौत बताई गई है जांच में मौत की वजह बीमारियां सामने आई हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बताया कि डेंगू संचारी रोग है। इसके नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। मंडलायुक्त ने सीएमओ से स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने के साथ अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर इलाज, दवाएं मुहैया कराने और प्रभावित इलाकों में कैंप लगाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर निदेशक समेत सभी जिलों के सीएमओ मौजूद रहे।
मंडल में डेंगू की स्थिति
------------------
मुरादाबाद 243
रामपुर 43
अमरोहा 18
बिजनौर 16
संभल 3
शहर में सर्वाधिक डेंगू मरीज
जिले में मुरादाबाद नगरीय क्षेत्रों में सर्वाधिक 156 केस हैं। इनमें चक्कर की मिलक, काशीरामनगर, करूला शामिल हैं। अगवानपुर में भी अधिक मामले सामने आए हैं। प्रभावित इलाकों में फागिंग एवं एंटी लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है।
- बुखार को लेकर सभी सीएमओ को अलर्ट किया गया है। प्रभावित इलाकों में स्पेशल लगाए जाएं। नगर निकायों में फागिंग और एंटी लार्वा छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं। - यशवंत राव, मंडलायुक्त
डेंगू के डंक से हाहाकार, अस्पतालों में मरीजों की भरमार
सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने से निजी अस्पताल पैक
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। डेंगू और वायरल बुखार से हाहाकार मचा है। जिला अस्पताल को छोड़कर बाकी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं खस्ताहाल हैं। पीड़ितों को जान गवाकर खामियाजा चुकाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल वायरल पीड़ितों से पैक है। बुधवार को ही चार नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल में एक नवंबर से छह नवंबर तक 21 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। निजी अस्पताल भी मरीजों से पैक हैं। टीएमयू अस्पताल में ही डेंगू के 50 और वायरल बुखार के 70 मरीज भर्ती हैं।
विगत दो महीने से वायरल बुखार फैला है। अधिकतर प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद खराब है। कहीं दवाएं तो कहीं डाक्टर तक नहीं हैं। बेड सुविधा नहीं होने से मरीज झोलाछाप की शरण में जाने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल मरीजों से पैक है। एलाइजा टेस्ट के लिए मंडल भर से नमूने आ रहे हैं। 187 बेड क्षमता के अस्पताल में 260 मरीज हैं। इनमें करीब 135 मरीज वायरल बुखार और पांच डेंगू के मरीज हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. ज्योत्सना पंत के मुताबिक मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। टीएमयू और विवेकानंद अस्पताल भी वायरल बुखार पीड़ितों से पैक है। टीएमयू में 50 डेंगू के मरीज और 70 वायरल पीड़ित भर्ती हैं।
- टीएमयू में डेंगू के 50 और वायरल के 70 मरीज भर्ती हैं। मरीज लगातार ओपीडी आ रहे हैं। प्रतिदिन औसतन छह से सात डेंगू के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। - विपिन जैन, निदेशक हास्पिटल प्रशासन एंड प्लानिंग टीएमयू
- पाकबड़ा में छात्रा इकरा की मौत लीवर में संक्रमण से हुई है। एमओआईसी कुंदरकी ने इकरा के घर पहुंचकर मृत्यु के कारणों की छानबीन की। जिसमें मेडिकल ऑडिट में लीवर के इलाज से संबंधित कागज मिले हैं। - डा. एमसी गर्ग, नोडल अधिकारी