मुरादाबाद। मूंढापांडे के छह साल पुराने चर्चित मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पॉक्सो कोर्ट-2 अभिनव मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम मामा तालिब को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। समाज को झकझोर देने वाली यह सनसनीखेज घटना मूंढापांडे थानाक्षेत्र के गांव में दो सितंबर 2014 की रात आठ बजे की है। घटना वाले दिन पीड़ित बच्ची के परिवार में शादी थी। पिता और अन्य लोग दुल्हन को विदा करने गए थे। घर में पीड़ित और उसके भाई बहनों की देख भाल के लिए रिश्ते के मामा तालिब निवासी मुड़िया मलकपुर थाना मूंढापांडे को घर छोड़ दिया था।
आरोपी तालिब पीड़ित की चाची का भाई है। रात करीब आठ बजे आरोपी तालिब छह वर्षीय बच्ची को घेर में ले गया। उसने बच्ची से कहा कि घेर से कपड़े लेकर आने हैं। बच्ची मामा के साथ घेर में चली गई थी। आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने उसकी लाश वहीं लकड़ियां और पत्तों के नीचे दबा दी थी। परिजन घर लौटे तो बच्ची गायब थी। इसके बाद उसकी तलाश की गई। तब बच्ची के भाई ने बताया कि वह मामा के साथ घेर में गई थी। इसके बाद ही वापस नहीं आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने बच्ची की तलाश कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या, दुष्कर्म और कुकर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। इसके अलावा पुलिस ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट-2 अभिनव मिश्रा की अदालत में चली।
सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक महेश पाल सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं। अदालत ने साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान के आधार पर मुलजिम तालिब को दुष्कर्म की धारा 376, कुकर्म की धारा 377, हत्या की धारा 302 और लाश छिपाने की धारा 201 आईपीसी में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया है।