कुंदरकी। बुधवार की देर शाम कुंदरकी थाना क्षेत्र के ग्राम मिलक मोहम्मद जमापुर में तीन घंटे से लापता से कक्षा दो के छात्र अब्दुल (6) पुत्र माोहम्मद वारिस का लहूलुहान शव उसके घर से दो सौ मीटर दूरी पर आम के बाग से बरामद हुआ है। छात्र के शरीर पर काफी संख्या में खूंखार कुत्तों के नोंचने के निशान मिले है जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि खूंखार कुत्तों के झुंड के हमले में मासूम की जान गई है। शव बरामद होने की सूचना पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गए और कुछ देर बाद ही पुलिस ने घटना स्थल पर आ गई, कई घंटे तक पुलिस की छानबीन चलती रही। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह और सीओ राजेश तिवारी ने भी घटना स्थल का मुआयना किया और परिजनों से बात की। देर रात पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि अब्दुल के घर के पास ही स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ रहा था जोकि बुधवार को स्कूल से पढ़कर आया जिसके बाद में लगभग चार बजे घर से बाहर खेलने को निकला था जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। परिजनों को चिंता हुई तो उन्होंने खोजबीन शुरू की और गांव की मस्जिदों से लाउडस्पीकर से ऐलान कराए तब ग्रामीणों ने खोजबीन में मदद की जिसके बाद छात्र का शव स्कूल के बराबर में ही आम के बाग से बरामद हुआ तो परिजनों में शव की दशा देखकर कोहराम मच गया है। गम से बेहाल सगे संबंधी और रिश्तेदार पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते रहे।
खूंखार कुत्तों ने मासूम की बेरहमी से जान ली है। शरीर की दशा देखकर स्पष्ट हो रहा है कि कुत्तों ने छात्र के सिर और शरीर को बुरी तरह से नोंचा होगा। सिर और चेहरे पर गहरे निशान देखे गए। माना जा रहा है कि खूंखार कुत्तों के मासूम के चीखने तक भी मौका नहीं दिया होगा क्योंकि शाम होने की वजह से आसपास के जंगल में भी कोई नहीं रहा होगा।
जिस आम के बाग से छात्र अब्दुल का शव बरामद हुआ, उसको पुलिस ने अपने घेर में ले लिया है। कई घंटे तक पुलिस की छानबीन जारी रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को कॉल किया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटना से जरूरी फुटेज लिए ताकि जांच में घटना की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।
मासूम बेटे अब्दुल की शव को देखकर उसकी मां शमा परवीन से रोते बिलखते बदहवास नज आईं। मृतक छात्र अपने छह भाई बहनों में चौथे नंबर का था। वह पढ़ाई लिखाई में होनहार था और नियमित रूप से स्कूल में पढ़ने को जाता था लेकिन खेलने का शौकीन था। साथ ही पतंग उड़ाने में उसकी रूचि अधिक थी। बताते है कि लापता होने से पहले भी अब्दुल ने पतंग उठाई थी।