इनके पोस्ट हो रहे वायरल
महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष डाॅ. विजय लक्ष्मी, युवा मोर्चा के जिला महामंत्री अर्पित चाैहान, नमामी गंगे के सहसंयोजक पराग काैशिक, महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. शशि चाैहान, युवा मोर्चा की जिला मंत्री कशिश चाैहान, भाजपा पार्षद गीता शर्मा के पति सुधांशु काैशिक आदि पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
विरोध में इस तरह कर रहे टिप्पणी
- संविधान कहता है समान अधिकार, यूजीसी कहती है सामान्य का बहिष्कार न्याय का गला घोंटती
- जो ऊपर उठाता है वह जमीन पर गिराना भी जानता है, बायकाट यूजीसी
- हम सभी यूजीसी का विरोध करते हैं सवर्णों के साथ लगतार अन्याय हो रहा है
- जिन सवर्णों ने आपके कहने से ताली और थाली बजाई थी अगर यूजीसी वापस नहीं लिया तो 2029 में तुम्हारा बैंड बजा देंगे।
- अधर्म पर माैन बनकर जो मात्र निहार जाते हैं, भीष्म हो, द्रोण हो या हो कर्ण सब मारे जाते हैं।
लोकतंत्र में विरोध करना सबका अधिकार है। लेकिन विरोध मर्यादा के साथ होना चाहिए। विरोध का एक मामला सामने आया था। पदाधिकारी को समझाया गया है। राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सुझाव देकर भी अपना विरोध जताया जा सकता है। - आकाश पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष
यूजीसी कानून का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा : त्रिपाठी
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की सिविल लाइन स्थित बैंक्वेट हॉल में बुधवार को हुई बैठक में यूजीसी पर विरोध जताया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।
उन्होंने प्रस्तावित यूजीसी कानून पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए इसका हर स्तर पर विरोध करने का एलान किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्वायत्तता के लिए घातक है।
इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ किए गए कथित अपमान पर नाराजगी जताई और इसे सनातन परंपरा और धर्मगुरुओं के सम्मान पर आघात बताया।
जिलाध्यक्ष करनवीर शर्मा ने कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। बैठक में प्रदेश संयोजक (पश्चिम उत्तर प्रदेश) लोकेश भारद्वाज, अवधेश शर्मा, रजत शर्मा और प्रदीप आदि मौजूद रहे।
यूजीसी में बदलाव शंकराचार्य का अपमान बर्दाश्त नहीं
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की प्रांतीय कोर कमेटी के पदाधिकारियों की बुधवार को बुद्धि विहार स्थित प्रांतीय कार्यालय पर आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष पंडित सत्येंद्र शर्मा ने यूजीसी में बदलाव करने और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के साथ अभद्रता की घटना की कड़ी निंदा की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार यह नहीं भूलना चाहिए कि हम भगवान परशुराम के वंशज हैं, इसका करारा जवाब देने के लिए शीघ्र रणनीति तैयार की जाएगा। सरकार को ब्राह्मणों को कमजोर नहीं समझना चाहिए।
उन्होंने ब्राह्मण समाज से एक साथ आने का आह्वान करते हुए कहा कि शंकराचार्य का अपमान और यूजीसी में सवर्ण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र शर्मा, दीन दयाल शर्मा, कमल कौशिक, पीयूष पाठक, संतोष जोशी, कपिल मिश्रा आदि शामिल रहे।