मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल में इस साल टाइफाइड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2026 तक मंडल में कुल 1535 मरीज सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 1080 थी। सबसे अधिक चिंता मुरादाबाद और रामपुर की स्थिति को लेकर जताई जा रही है, जहां अप्रैल, मई और जून के दौरान मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई। विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी, खुले में बिकने वाला भोजन, आसपास गंदगी और हाथों की सफाई में लापरवाही टाइफाइड फैलने की प्रमुख वजहें हैं। बरसात के मौसम में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
जनपदवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अमरोहा में जनवरी से जून 2026 के बीच 290 मरीज मिले, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 104 मामले सामने आए थे। बिजनौर में इस बार 184 मरीज दर्ज किए गए, जो पिछले साल के 138 मामलों से अधिक हैं।
मुरादाबाद में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही। यहां जनवरी से जून 2026 तक 367 मरीज सामने आए, जबकि 2025 की इसी अवधि में 165 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं रामपुर में जनवरी से जून तक 528 मरीज मिले। हालांकि यह संख्या पिछले साल के 613 मामलों से कम है, लेकिन मई में 174 और जून में 86 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बनी हुई है।
संभल में भी टाइफाइड के मामलों में तेजी देखने को मिली। यहां मरीजों की संख्या 166 तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में केवल 60 मामले सामने आए थे।
फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह के अनुसार टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से फैलता है। संक्रमित पानी पीने, बासी या दूषित भोजन खाने, बिना हाथ धोए खाना खाने और आसपास गंदगी रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि बचाव के लिए उबला या साफ पानी पीना, ताजा भोजन करना, हाथों की नियमित सफाई रखना और बुखार होने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है।
मुरादाबाद में टाइफाइड के मामले
माह 2025 2026
जनवरी - 17 17
फरवरी - 11 28
मार्च - 29 32
अप्रैल - 36 101
मई - 49 125
जून - 23 64
वर्जन
यूडीएसपी पोर्टल पर टाइफाइड के मामलों की निगरानी बढ़ाई गई है। मॉनिटरिंग बढ़ी है इसलिए केस पहले के मुकाबले ज्यादा पाए गए हैं। हमने निजी लैब संचालकों से भी पोर्टल पर रिपोर्ट अपडेट करने के लिए कहा है।
- डॉ. आशु अग्रवाल, एडी हेल्थ