कांठ। किसानों, ग्रामीणों, बच्चों व महिलाओं को तेंदुए व अन्य वन्य जीवों के प्रति जागरूक करने के लिए तहसील प्रशासन और वन विभाग प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो वन मित्र बनाएगा। वन मित्रों को विभाग की ओर से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मंगलवार को एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में तहसील सभागार में हुई जागरूकता गोष्ठी में वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि इस समय कांठ तहसील क्षेत्र के लगभग हर गांव से तेंदुए की सूचनाएं मिल रही हैं। तेंदुओं के पंजों के निशान देखे जा रहे हैं और तेंदुए पकड़े भी जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, ग्रामीणों, बच्चों और महिलाओं को तेंदुए व अन्य वन्य जीवों के प्रति जागरूक करने के लिए छजलैट ब्लॉक की सभी 82 ग्राम पंचायतों में दो-दो वन मित्र बनाए जाएंगें। इसमें एक संबंधित गांव के प्रधान और दूसरे ऐसे व्यक्ति को रखा जाएगा, जोकि पूरी तरह से एक्टिव हो।
उन्होंने कहा कि किसान खेतों में पूरी सावधानी के साथ सुबह दस से दोपहर दो बजे तक ही कार्य करें। एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी ने कहा कि लेखपालों के साथ ही ग्राम प्रधान और सचिव भी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें कि वह खेतों पर अकेले न जाएं, महिलाओं और बच्चों को खेतों में जाने से रोकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जागरूकता के लिए मुनादी और धार्मिक स्थलों से एनाउंसमेंट भी कराएं। उन्होंने बताया कि नए पिंजरे भी बनवाए जाएंगें, इसमें ग्राम प्रधान और जागरूक लोग सहयोग करें। इस अवसर पर तहसीलदार राजकुमार सिंह, डिप्टी रेंजर मनोज कुमार, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, ईओ कांठ रामेश्वर दयाल, उमरी कलां के पूर्व ईओ नजम अहमद, एडीओ जबर सिंह, राजस्व निरीक्षक विनय कुमार, केदार सिंह, अली हुसैन व अंकित सक्सेना आदि रहे।
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बंदरों को लेकर भी गोष्ठी में व्यक्त की चिंता
कांठ। नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही बंदरों की संख्या और उनके आक्रमक होने को लेकर भी गोष्ठी में चिंता व्यक्त की गई। एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी ने इसके लेकर नगर पंचायत प्रशासन को निर्देश दिए। ईओ रामेश्वर दयाल ने कहा कि वह जल्द ही बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलवाने जा रहे हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रहा है। एसडीएम ने बंदरों को पकड़ने के बाद इन्हें दूर स्थानों पर छुड़वाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से कहा। संवाद